नेशनल हेराल्ड समाचार पत्र की संपत्ति हड़पने के आरोप के मामले में आरोपी बनाए गए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी व उपाध्यक्ष राहुल गांधी के खिलाफ मुकदमा पटियाला हाउस कोर्ट में चलेगा या फिर विज्ञान भवन में।
हाईकोर्ट से उनकी अपील खारिज होने व ट्रायल कोर्ट द्वारा पेशी का तारीख तय तय करते ही इस बात के कयास लगने शुरू हो गए हैं। सोनिया व राहुल गांधी को वर्तमान में स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (एसपीजी) की सुरक्षा मिली हुई है और पटियाला हाउस में भीड़भाड़ रहते उनकी सुरक्षा का मुद्दा अहम बन सकता है।
इससे पूर्व कई मामलों में आरोपी पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिंह राव पर मुकदमा सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर विज्ञान भवन की एनेक्सी में बनी विशेष अदालत में चला था।
सुरक्षा व्यवस्था है बड़ा सिरदर्द
एसपीजी सुरक्षा प्राप्त सोनिया-राहुल कहीं भी आते-जाते हैं तो उनकी सुरक्षा के लिए विशेष प्रबंध किए जाते हैं। ऐसे में पटियाला हाउस अदालत में सुरक्षा व्यवस्था करना एसपीजी दिल्ली पुलिस के लिए मुश्किल है।
वर्तमान में पटियाला हाउस में प्रतिदिन करीब एक लाख से ज्यादा लोग अपने मुकदमों के लिए आते हैं। पटियाला हाउस अदालत में प्रवेश के लिए करीब सात द्वार हैं और कहीं भी ठोस सुरक्षा प्रबंध नहीं है। इसके अलावा पटियाला हाउस अदालत परिसर में गोलीबारी भी हो चुकी है।
इससे पूर्व पीवी नरसिंह जब लखू भाई पाठक धोखाधड़ी मामले में आरोपी बने थे तो दिल्ली पुलिस को अभ्यास के दौरान ही तीस हजारी अदालत में सुरक्षा के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी थी।
आखिर एसपीजी व तत्कालीन दिल्ली पुलिस आयुक्त ने सुरक्षा का हवाला देते हुए सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर कर दी थी। उनका तर्क था कि भीड़भाड़ के चलते सुरक्षा करना संभव नहीं है। उन्होंने नई दिल्ली के सुरक्षित क्षेत्र में विशेष अदालत में सुनवाई का तर्क रखा था।
विज्ञान भवन है मुफीद जगह
सर्वोच्च न्यायालय ने 11 अक्तूबर 1996 को आदेश दिया कि मुकदमे के लिए नई दिल्ली क्षेत्र में विशेष अदालत बनाई जाए। तब तय किया गया कि विज्ञान भवन के एनेक्सी में विशेष अदालत बनाकर मुकदमा चलाया जाए।
इसके बाद हाईकोर्ट ने 18 अक्तूबर 1996 को अधिसूचना जारी कर विशेष अदालत का रास्ता साफ किया। इसी के बाद लखू भाई पाठक धोखाधड़ी के अलावा सेंट किट्स व झारखंड मुक्ति मोर्चा रिश्वत कांड के मामले में आरोपी राव के खिलाफ मुकदमा चला।
विज्ञान भवन में रिपोर्टिंग के लिए संवाददाताओं को भी पास के जरिये ही एंट्री दी गई थी। अब सोनिया, राहुल का मुकदमा भी विज्ञान भवन की विशेष अदालत में चलने की उम्मीद है।