राजधानी के प्राइवेट स्कूलों में शैक्षणिक सत्र 2016-17 के अंतर्गत नर्सरी क्लास में दाखिले के लिए शिक्षा निदेशालय ने गाइड लाइंस जारी कर दी हैं।
सामान्य (ओपन सीट) सीटों के लिए दाखिला प्रक्रिया की शुरुआत एक जनवरी 2016 से होगी, जबकि आर्थिक पिछड़े वर्ग व वंचित वर्ग की सीटों पर ऑनलाइन दाखिले होंगे।
शिक्षा निदेशालय ने स्कूलों की मनमानी पर अंकुश लगाने का प्रयास किया है। प्राइवेट स्कूलों को दाखिले के लिए क्राइटेरिया बनाने की छूट दी गई है लेकिन स्कूलों को प्रत्येक बच्चे की जानकारी प्राप्त अंकों के साथ वेबसाइट पर अपलोड करनी होगी।
जारी शेड्यूल में प्राइवेट स्कूल बदलाव नहीं कर सकते
शिक्षा निदेशक पद्मिनी सिंघला की ओर से जारी गाइड लाइंस में साफ कर दिया गया है कि निदेशालय की ओर से जारी शेड्यूल में प्राइवेट स्कूल बदलाव नहीं कर सकते हैं। प्राइवेट स्कूलों को हिदायत दी गई है कि वे जमा कराने की अंतिम तिथि तक दाखिला फॉर्म उपलब्ध कराएं।
निदेशालय ने दाखिला प्रक्रिया का शेड्यूल भी जारी कर दिया है। दाखिला प्रक्रिया एक जनवरी 2016 से शुरू होगी और स्कूलों को 31 मार्च तक इसे संपन्न करना होगा।
सरकार ने स्कूलों को यह अधिकार दिया है कि वह दाखिले के लिए सिबलिंग, नेबरहुड, एलुमिनी, सिंगल पैरेंट्स या अपने मुताबिक मानक का निर्धारण कर सकते हैं।
तीन सालों के दौरान सीटों की संख्या से कम नहीं हो सीटें
हालांकि यह भी साफ किया गया है कि वे जो भी मानक तय करें उसमें पारदर्शिता होनी चाहिए। स्कूलों को यदि किसी सूरत में ड्रॉ करने की जरूरत पड़े तो अभिभावकों की मौजूदगी में ही ऐसा किया जाए।
स्कूलों को एडमिशन शेड्यूल की जानकारी, कुल सीटों की संख्या, मानकों के लिए निर्धारित किए गए अंक आदि अपने नोटिस बोर्ड, वेबसाइट व फ्लैक्स बोर्ड पर देनी होगी।
इसके साथ ही निदेशालय को भी यह जानकारी 20 दिसंबर तक भेजनी होगी। निदेशालय ने यह स्पष्ट किया है कि प्रवेश स्तर पर सीटों की संख्या बीते तीन सालों के दौरान सीटों की संख्या से कम नहीं होनी चाहिए।
जान लीजिए ये हैं गाइड लाइंस की बातें और शेड्यूल
1. कैटगरी या प्वाइंट तय करेंगे स्कूल।
2. आर्थिक पिछड़े वर्ग में दाखिले केलिए ऑनलाइन व्यवस्था।
3. स्कूलों को अपने दाखिले मापदंड को करना होगा घोषित।
4. दाखिला प्रक्रिया गैर भेदभावपूर्ण, स्पष्ट और पारदर्शी होगा।
5. सभी स्कूल गरीब छात्रों केलिए 25 फीसदी सीटें आरक्षित रखेंगे।
उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के मुताबिक दाखिले में पारदर्शिता लाने के लिए दो कदम उठाए जा रहे हैं। एक तो प्राइवेट स्कूलों को आवेदन करने वाले बच्चों की सूची जारी करनी होगी।
साथ ही आवेदकों को किस मानक के लिए कितने अंक मिले इसकी सूची भी जारी करनी होगी। प्रतीक्षा सूची में किस आवेदक को किस मानक में कितने अंक मिले यह भी बताना होगा। आर्थिक पिछड़े वर्ग व वंचित वर्ग के दाखिलों केलिए अलग से प्रक्रिया होगी। जिसकेसंबंध में जल्द ही घोषणा की जाएगी।