नई दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में पहले दिन पांच लोगों ने परीक्षण में शामिल होकर नेजल वैक्सीन ली। अस्पताल के डीओटी केंद्र पर पहुंच लोगों ने पहले टीकाकरण प्रमाण पत्र की जांच कराई और इसके बाद नाक के जरिए दी जाने वाली नेजल वैक्सीन की बूस्टर खुराक ली। शुक्रवार शाम तक एम्स में करीब पांच लोगों ने इस परीक्षण में हिस्सा लिया। डॉक्टरों के अनुसार परीक्षण में 100 लोगों का शामिल होना जरूरी है। यह संख्या जब भी पूरा होगी उसके बाद परीक्षण को रोक दिया जाएगा।
एम्स के वरिष्ठ डॉ. संजय राय ने जानकारी देते हुए बताया कि नेजल वैक्सीन की क्षमता के बारे में पता करने के लिए यह परीक्षण एम्स सहित देश के अलग अलग अस्पतालों में किया जा रहा है। इसमें वही लोग शामिल हो सकते हैं जिन्होंने कोविशील्ड या फिर कोवाक्सिन की दोनों खुराक प्राप्त की हों। साथ ही इन लोगों ने दूसरी खुराक पिछले वर्ष अगस्त से अक्तूबर माह के बीच ली हो। इन अवधि से पहले या फिर बाद में दूसरी खुराक लेने वालों को परीक्षण में शामिल नहीं किया जा सकता है।