गुरुग्राम में खुले में नमाज पढ़ते लोगों का विरोध करने पहुंचे कई संगठन व आरडब्ल्यूए के सदस्य...
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खुले में नमाज के संबंध में चल रही रार का समाधान होता नजर नहीं आ रहा है। जिला उपायुक्त ने बुधवार को हिंदू और मुस्लिम पक्षों के साथ बैठक बुलाई थी, लेकिन बैठक बेनतीजा रही। वहीं, खुले में नमाज को लेकर मुस्लिम समाज के लोग बृहस्पतिवार को राजीव चौक पर स्थित मस्जिद में एक महत्वपूर्ण बैठक करेंगे। इसमें एक टीम का गठन किया जाएगा और यही टीम खुले में नमाज को लेकर प्रशासन से बातचीत करेगी। वहीं, हिंदू संगठनों ने दावा किया है कि प्रशासन की तरफ से कभी भी 37 जगहों पर नमाज की अनुमति नहीं दी गई।
मालूम हो कि जिले में खुले में नमाज को लेकर पिछले 2 माह से हिंदू और मुस्लिम पक्षों में तकरार देखने को मिल रही है, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। वहीं, पुलिस-प्रशासन दोनों ही पक्षों के शांतिपूर्ण समाधान के लिए प्रयासरत है। जिला उपायुक्त डॉ. यश गर्ग की बुधवार को हिंदू व मुस्लिम प्रतिनिधियों के साथ बैठक हुई। बैठक के बाद हिंदू संगठनों ने दावा किया कि मुस्लिम पक्ष जिन 37 सार्वजनिक जगहों पर नमाज करता आ रहा था, उसे प्रशासन द्वारा अधिकृत नहीं किया गया है।
37 जगहों पर 5 को करेंगे गोवर्धन पूजा
इस मामले में मुस्लिम समाज के भी कुछ प्रतिनिधियों ने भी स्वीकार किया कि उन्हें प्रशासन की तरफ से 37 जगह अधिकृत नहीं किए गए हैं। हालांकि, अधिकांश मुस्लिम लोग प्रशासन की बात से सहमत नजर नहीं आए। बैठक में हिंदू व मुस्लिम पक्षों से 5-5 लोग शामिल रहे। खास बात यह है कि अब हिंदू समाज के लोगों ने सभी 37 जगहों पर 5 नवंबर को धूमधाम से गोवर्धन पूजा करने का फैसला लिया है। इसके लिए प्रशासन को अपनी अग्रिम तैयारियां करनी होंगी, ताकि शांति व्यवस्था बनी रही।
गठित टीम करेगी प्रशासन से बातचीत
नागरिक एकता मंच मोहम्मद अल्ताफ का कहना है कि प्रशासन कहता है कि 2018 को भूल जाइए और 2021 की बात करें। प्रशासन के इस कथन पर पूरे मुस्लिम समुदाय को आपत्ति है। अब 2021 में कोई समझौता होगा तो बाद में फिर कह देंगे कि 2021 को भूल जाइए तो फिर ऐसे तो नहीं चलेगा। बृहस्पतिवार को राजीव चौक पर सुबह 11 बजे मुस्लिम पक्ष की एक बैठक होगी, जिसमें एक टीम का गठन किया जाएगा। पूर्व सांसद मोहम्मद अदीब के नेतृत्व में गठित टीम में मुफ्ती सलीम भी शामिल होंगे। यही टीम प्रशासन से बात करेगी। हिंदू संगठनों ने सोच लिया है कि खुद ही नुमाइंदे तैयार कर अपना एजेंडा लागू करेंगे, लेकिन ऐसा नहीं होगा।