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खोड़ा हादसा: आखिरी सांस तक तनुजा ने नहीं छोड़ा बेटे का साथ, पड़ोसन को बचाया; इस विवाद में फंसी रही पुलिस

Fri, 02 Aug 2024 08:54 AM IST
अनुज कुमार अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

दिल्ली-यूपी के बॉर्डर पर हुए हादसे में जान गंवाने वाले मां-बेटी की मौत से पूरा परिवार सदमे में है। तेज बारिश की वजह से तनुजा और उसका बेटा प्रियांशु नाले में डूब गए। मां ने बेटे को गोद में लिया हुआ था।
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अस्पताल में बिलखते परिजन - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स/ फोटो-जी पाल
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विस्तार
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दिल्ली-यूपी की सीमा पर गाजीपुर में मां-बेटा प्रशासन की लापरवाही की भेंट चढ़ गए। बुधवार रात तेज बारिश के दौरान सड़क और खुले नाले का पानी एकसमान हो गया था। तीन साल के बेटे को गोद में लेकर सड़क से गुजर रही तनुजा अचानक 10-12 फीट गहरे नाले में जा गिरी, लेकिन उसने आखिरी सांस तक जिगर के टुकड़े का साथ नहीं छोड़ा। 

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परिवार गांव हुआ रवाना
दम निकलने के बाद भी मां की गिरफ्त में बेटा लिपटा रहा। मां-बेटे के शव पुलिस ने देर रात नाले से निकाले तो लोगों के साथ सुरक्षाकर्मियों की आंखें भी नम हो गईं। वहीं, बृहस्पतिवार को गाजीपुर थाना पुलिस ने लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल की मोर्चरी में पोस्टमार्टम के बाद दोनों के शव परिजनों के हवाले कर दिए। परिजन दोनों के शव लेकर दोपहर बाद रानीखेत स्थित गांव रवाना हो गए।

तनुजा खोड़ा कॉलोनी में रहती थी
पुलिस के मुताबिक, तनुजा बिष्ट (24) व प्रियांशु (3) गाजियाबाद की खोड़ा काॅलोनी में अंबेडकर नगर-प्रकाश नगर की गली नंबर-4 में रहती थी। पति गोविंद बिष्ट निजी कंपनी में नौकरी करता है। मूलरूप से परिवार रानीखेत स्थित भटकोट गांव का रहने वाला है। मकान तनुजा के पिता का है।

बाजार से लौटते वक्त हुआ हादसा
बुधवार शाम बारिश शुरू होने से पहले तनुजा बेटे और रिश्तेदार पिंकी के साथ मयूर विहार फेज-3 में बुध बाजार से सामान लेने आई थी। इस दौरान तेज बारिश होने लगी। कई घंटे बारिश रुकने का इंतजार करने के बाद तीनों लौटे तो सड़क पर जलभराव था। सड़क किनारे चलने के चक्कर में तनुजा बेटे के साथ नाले में गिर गई। पिंकी ने दोनों को बचाने का प्रयास किया तो वह भी नाले में गिर गई। राहगीरों ने पिंकी को निकाल लिया, लेकिन तनुजा बेटे के साथ डूब गई। तनुजा ने प्रियांशु को गोद में लिया हुआ था। तीन घंटे बाद दोनों के शव निकाले गए। हादसे के बाद गोविंद का रो-रोकर बुरा हाल है।

रात 8:12 बजे पुलिस को कॉल की
राहगीरों ने रात 8.12 बजे 112 पर कॉल की तो कॉल गाजियाबाद कंट्रोल रूम पहुंची। खोड़ा कालोनी पुलिस आई और बचाव कार्य शुरू कर दिया। गोताखोर भी बुला लिए गए। घटनास्थल से करीब 150 मीटर दूर दोनों के शव बरामद हो गए। इस बीच गाजीपुर थाना पुलिस पहुंची और उसने हादसे का क्षेत्र दिल्ली का माना।
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सीमा विवाद में फंसी रही पुलिस
हादसे के बाद यूपी पुलिस ने बचाव कार्य शुरू कर दिया। इस दौरान अधिकारियों ने दिल्ली पुलिस के अधिकारियों को कॉल कहा कि एरिया उनका है, वे पहुंच जाएं। बार-बार खबर देने के बाद भी दिल्ली पुलिस नहीं पहुंची। यूपी पुलिस ने ही मां-बेटे का शव सवा ग्यारह बजे निकाला और एलबीएस अस्पताल भेजा। इसके बाद अस्पताल में गाजीपुर थाना पुलिस पहुंची। यहां भी सीमा को लेकर विवाद हुआ। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के कहने पर गाजीपुर थाना पुलिस कार्रवाई के लिए तैयार हुई। इसके बाद हादसे की औपचारिकताएं पूरी कर लापरवाही का मामला दर्ज किया गया।
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