यूपी में आतंक का पर्याय बन चुके बावरिया गिरोह के मोस्ट वांटेड काला प्रधान और उसके बेटे धर्मेंद्र को एसटीएफ ने शनिवार रात साकीपुर गांव के पास मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में पता चला कि ग्रेटर नोएडा में 20 लाख रुपये और उसके बाद लखनऊ में 35 लाख रुपये की डकैती की योजना थी।
पुलिस रिकॉर्ड में काला प्रधान पर हत्या और डकैती के 14 से ज्यादा मामले दर्ज हैं। इस पर 2000 में भाजपा विधायक निर्भय पाल की हत्या कर कोठी में डकैती डालने और परिवार के सदस्यों को गंभीर रूप से घायल करने का आरोप है। इस वारदात के बाद काला प्रधान सुर्खियों में आया था। 15 साल से पुलिस और एसटीएफ को उसकी तलाश थी।
एसटीएफ के अपर पुलिस अधीक्षक अजय सहदेव ने बताया कि शनिवार रात 12:30 बजे मुखबिर से पता चला कि 10 हजार रुपये का इनामी डकैत राजकिशोर बहेलिया उर्फ काला प्रधान साथियों के साथ ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में आने वाला है। यहां उसे वारदात को अंजाम देने के लिए रेकी करने वाले गिरोह के सदस्य से मिलना था।
सूचना पर एसटीएफ की टीम ने रात करीब 12:40 बजे सूरजपुर क्षेत्र के साकीपुर चौराहा के नजदीक जय सिंहपुर बनपोई थाना मेहम्मदाबाद, फर्रूखाबाद निवासी काला प्रधान और 134, दीपक बिहार नजफगढ़ (नई दिल्ली) निवासी उसके बेटे धमेंद्र को गिरफ्तार कर लिया। इनके कब्जे से दो तमंचे, भारी मात्रा में कारतूस और अर्टिगा कार बरामद की गई। बताया गया है कि 33 साल के आपराधिक इतिहास में काला प्रधान पहली बार पुलिस के हत्थे चढ़ा।