मानसून की पहली बारिश में जंगपुरा, निजामुद्दीन और मथुरा रोड डूब गए, लेकिन सरकारी तंत्र ने शायद इससे सबक नहीं लिया। बारापुला नाला दक्षिण दिल्ली के बड़े हिस्से को कवर करता है, लेकिन कई जगहों पर इसका आधे से ज्यादा दायरा मलबे से पटा हुआ है।
मानसून की पहली बारिश में जंगपुरा, निजामुद्दीन और मथुरा रोड डूब गए, लेकिन सरकारी तंत्र ने शायद इससे सबक नहीं लिया। बारापुला नाला दक्षिण दिल्ली के बड़े हिस्से को कवर करता है, लेकिन कई जगहों पर इसका आधे से ज्यादा दायरा मलबे से पटा हुआ है। आरआरटीएस प्रोजेक्ट के चलते रेल ब्रिज के पिलरों की खुदाई के बाद निकली मिट्टी नाले में अभी भी पड़ी हुई है। एमसीडी ने अब जाकर मलबा साफ कराना शुरू किया है। इसके दो पॉइंट्स पर सफाई के लिए जेसीबी मशीनें लगाई गई हैं। देखना ये होगा कि जल्दबाजी में इसकी कितनी सफाई हो पाएगी।
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जंगपुरा और निजामुद्दीन के बीच लाजपत नगर रोड पर ब्रिज के नीचे बारापुला नाला मलबे से ब्लॉक है। लाजपत नगर रोड से बारापुला पर चढ़ने के लिए यहां एक लूप बना हुआ है। लूप के साथ-साथ नाला भी चलता है। इस लूप पर चढ़ने पर दिखाई पड़ता है कि नाले में लोगों ने मलबा डालकर पाट रखा है। पुल के नीचे दाहिनी ओर भारी मात्रा में मलबा पड़ा है। शुक्रवार को पुल वाले पॉइंट पर नाले से मलबा निकालने के लिए निगम ने दो जेसीबी मशीनें लगा रखी थीं। मौके पर काम कर रहे एमसीडी के कर्मचारियों ने बताया कि पिछले साल इस पॉइंट की सफाई कराई गई थी। यहां से भारी मात्रा में कंकरीट वाला मलबा निकाला गया था, लेकिन इस साल स्थिति फिर से वैसी ही है। यहां पुल के नीचे पांच में से दो पिलरों के बीच ही पानी निकलने की जगह बची है।
नाले के किनारे ही पड़ा है मलबा
मौजूदा समय नाले से मलबा निकालने का काम चल रहा है, लेकिन हाथोंहाथ मलबा नहीं उठाया जा रहा। यदि इस दौरान तेज बारिश हुई तो यह तय है कि मलबा फिर से बहकर नाले के भीतर ही जाएगा।
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मथुरा रोड के पास आधे से ज्यादा पटा नाला
मथुरा रोड पुल के नीचे बारापुला नाले का आधे से ज्यादा हिस्सा मिट्टी से पटा है। यहां इसकी स्थिति देखकर पता चलता है, सालों से इस जगह से मलबा साफ नहीं किया गया। नाले में मिट्टी के टीले बने हुए हैं। पुल के नीचे केवल तीन पिलरों के बीच से पानी बहने की जगह है।
आरआरटीएस प्रोजेक्ट के चलते भरी मिट्टी
आरआरटीएस प्रोजेक्ट के अंतर्गत रेलवे के दो-तीन पिलर नाले के दायरे में आते हैं। रेलवे पिलरों के निर्माण के दौरान निकली मिट्टी नाले से निकाली नहीं गई। इससे पानी का बहाव बाधित हुआ, जिसका नतीजा ये हुआ कि इस बार मानसून की पहली ही भारी बारिश में बारापुला नाला ओवरफ्लो हो गया, जिसके कारण पूरा निजामुद्दीन इलाका जलमग्न हो गया। जंगपुरा में लोगों के घरों में पानी भर गया। कई घरों के बेसमेंट में भरा पानी अब भी नहीं निकल पाया है।