दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि कोरोना काल के बाद मोनिका दो सितंबर 2021 को दिल्ली वापस आई थी। उसे मुखर्जी नगर में पीजी सुरेंद्र ने ही दिलवाया था। सुरेंद्र चाहता था कि मोनिका उसकी हर बात माने, लेकिन वह इसके लिए तैयार नहीं थी। वह सुरेंद्र से छुटकारा पाना चाहती थी। ऐसे में सुरेंद्र को लगा कि वह उसकी सहायता कर रहा है और मोनिका उसकी सुन नहीं रही।
इस बात पर दोनों में पीजी में झगड़ा हुआ था। यहां सुरेंद्र ने मोनिका के साथ मारपीट की थी। इसके बाद उसने शाम को मोनिका को अलीपुर ले जाकर गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। पुलिस अभी मोनिका के फोन को बरामद नहीं कर सकी है। ऐसे में पुलिस आरोपी से लगातार पूछताछ कर मोनिका के मोबाइल की बरामदगी के प्रयास कर रही है।