दक्षिण-पूर्वी जिले के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि लोकेश 9 सितंबर को दिल्ली आया था। निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन से उसने बाजार जाने के लिए ऑटो लिया। चालक उसे उमराव सिंह ज्वेलरी शोरूम के पास ले गया। यहां पर शोरूम को देखकर लोकेश के मन में लालच आ गया। शोरूम के बारे में पहले उसने चांदनी चौक में सुना था। इसके बाद उसने शोरूम में चोरी का इरादा बनाया। उसने 17 सितंबर को शोरूम के पास जाकर फिर से रेकी की। वह शोरूम के मेन गेट के काफी पास चला गया। यहां पर उसे ग्लास डोर से स्ट्रांग रूम दिख गया।
उसने ग्लास रूम से अंदर देखा कि स्ट्रांग रूम काफी बड़ा है। ग्लास डोर से यह भी पता लगा कि तीन तरफ दीवार है और सीढ़ियों वाली दीवार को काटा जा सकता है। इसके बाद फिर 21 सितंबर को रेकी करने गया। 24 सितंबर को स्ट्रांग रूम की दीवार काटने में उसे कोई परेशानी नहीं हुई। वह स्ट्रांग रूम को काटकर आसानी से फरार हो गया था। जंगपुरा चौकी प्रभारी आकाश मामले की जांच कर रहे हैं।