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ब्लू व्हेल के बाद अब ये डरावना गेम बन सकता है खतरा, सेल्फी से होती है शुरुआत

Mon, 20 Aug 2018 12:27 AM IST
आशुतोष दुबे, अमर उजाला, नोएडा
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ब्लू व्हेल के बाद ‘मोमो’ - फोटो : अमर उजाला
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सावधान... सोशल मीडिया किस तरह से बच्चों के जीवन पर हावी हो रहा है। इसका उदाहरण 2016 में ब्लू व्हेल गेम के रूप में देखने को मिला। जब इस गेम के चक्कर में 130 बच्चों की जान चली गई। 
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वर्तमान में एक और गेम इन दिनों सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसका नाम मोमो है। हालांकि, इसका असर अभी सिर्फ जापान और अमेरिका में देखने को मिला है। लेकिन जल्द ही यह भारत में भी पांव पसार सकता है। 

लिहाजा, साइबर सेल पहले से ही सतर्क हो गया है। बाकायदा साइबर एक्सपर्ट ने एक एडवायजरी जारी की है। ताकि बच्चों को इस खेल से दूर रखा जा सके। बता दें कि लैटिन अमेरिकी देशों में वाट्सएप पर एक नंबर वायरल हो रहा है। 
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इसे मोमो वाट्सएप बताया जा रहा है। एक कांटेक्ट नंबर शेयर किया जा रहा है, जिसका एरिया कोड जापान का है। जो लोग इसे सेव कर रहे हैं, उनके मोबाइल पर एक बड़ी आंखों वाली लड़की की तस्वीर आ रही है जो काफी डरावनी है। 

ब्लू व्हेल के बाद ‘मोमो’ - फोटो : अमर उजाला
दावा किया जा रहा है कि जो इस लड़की से बात करता है, वह आत्महत्या की तरफ बढ़ने लगता है। लोग इसके स्क्रीन शॉट भी भेज रहे हैं। देखने में यह ब्लू व्हेल गेम जैसा ही लग रहा है। 

यह टास्क देता है जिसे पूरा नहीं करने पर अकाउंट हैक जैसी बातें करता है। इसकी शुरुआत सेल्फी से होती है। हालांकि, नोएडा में अब तक ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया है।  

डर पैदा करना है मोमो का मकसद  
ब्लू व्हेल को लोग अभी भूले भी नहीं थे कि मोमो व्हाट्सएप आ गया। साइबर एक्सपर्ट अनुज अग्रवाल ने बताया कि यह बिलकुल उसी तरह  है। जानकारी के अनुसार सबसे पहले इस प्रोफाइल को फेसबुक पर देखा गया था। 

लोगों ने प्रोफाइल पर कांटेक्ट करने की कोशिश की थी। मोमो की प्रोफाइल में जिस लड़की की तस्वीर दिखाई दे रही है, उसका चेहरा बिलकुल 2016 में जापान के एक संग्रहालय में प्रदर्शित मूर्तिकला से मिलता है। जिसका मकसद लोगों के मन में डर पैदा करना है।
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बच्चों को कैसे रखें दूर 

कांटेक्ट लिस्ट में परिचित का ही नंबर सेव करें। फोन में पैटर्न लॉक रखें। जिसे आप जानते नहीं हैं, उनके नंबर एक्सचेंज नहीं करें। बच्चे सोशल मीडिया अकाउंट पर क्या शेयर कर रहे हैं इसका ध्यान रखें। खास कर फोन नंबर पर। सोशल मीडिया से कोई भी आसानी से नंबर ले सकता है।

फोन को एंटी वायरस से प्रोटेक्ट करें। ऐसा करने पर जब आप किसी लिंक को खोलेंगे तो पॉप अप आ जाएगा। साथ ही यह व्हाट्सएप, एसएमएस, मेसेंजर को भी प्रोटेक्ट करेगा।

विशेष रूप से मेसेजिंग एप पर नजर रखें। चूंकि ये गेम एप लांच करने में असमर्थ हैं। लिहाजा, यह मेसेजिंग ऐप पर निष्पादित होते हैं जो कि निशुल्क है।
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