साइबरसिटी में मासूम के साथ दुष्कर्म का सनसनीखेज मामला सामने आया है। वजीराबाद गांव स्थित झुग्गी में सात वर्षीय मासूम को स्कूल ड्रेस दिलाने के बहाने एक अज्ञात शख्स ने अपनी हवस का शिकार बना लिया।
विज्ञापन
वारदात के बाद आरोपी ने बच्ची को सुनसान जगह पर छोड़कर फरार हो गया। मंगलवार को देरशाम सामने आए मामले के बाद पुलिस ने अज्ञात शख्स के खिलाफ दुष्कर्म समेत पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस को अबतक आरोपी का कोई सुराग नहीं सका है। वजीराबाद गांव स्थित झुग्गी एरिया में पश्चिम बंगाल के रहने वाले कई परिवार रहते है। जो दिन में मजदूरी के लिए अपने बच्चों को घर पर छोड़कर निकल जाते है।
विज्ञापन
मंगलवार को सात वर्षीय बच्ची आसपास के कई बच्चों के साथ यहां खेल रही थी। इस दौरान साइकिल पर एक युवक आया उसने बच्चों को मुफ्त में स्कूल ड्रेस और किताबें दिलाने का लालच दिया।
बदहवास हालत में मिली बच्ची
इस पर मासूम बच्ची साइकिल पर बैठकर आरोपी के साथ चली गई। आधे घंटे तक जब बच्ची वापिस नहीं आई तो बाकी बच्चे वापिस चले गए। देरशाम बच्ची बदहवास हालत में घर से कुछ दूरी पर दिखाई दी।
बच्ची की हालत देखकर लोगों ने पुलिस को सूचित किया। इस हादसे में बच्ची इतनी डर गई कि वह पुलिस को जवाब भी नहीं दे पाई। किसी तरह पुलिस ने बच्ची से बातचीत के बाद अज्ञात के खिलाफ दुष्कर्म और पोक्सो एक्ट का मामला दर्ज कर लिया।
घटना के बाद बच्ची को सिविल अस्पताल में दाखिल कराया गया लेकिन उसकी हालत गंभीर होने से उसे दिल्ली सफदरजंग रैफर कर दिया गया है। एसीपी क्राइम राजेश के मुताबिक पुलिस आसपास के एरिया में छानबीन कर रही है।
मासूमों पर किसी सनकी की नजर तो नहीं?
वजीराबाद गांव स्थित झुग्गी बस्ती में सात वर्षीय मासूम बच्ची के साथ हुए दुष्कर्म मामले के बाद इस एरिया में रहने वाली मासूम बच्चियों की सुरक्षा पर बड़ी सवाल खड़ा हो गया है।
पिछले दो साल में एक किलोमीटर दायरे में यह चौथी वारदात है जिसमें मासूम बच्ची को हवस का शिकार बनाया गया है। हालांकि पुलिस इसे महज संयोग बता रही है लेकिन वारदात को अंजाम देने के तरीके जिस प्रकार मिल रहे है इसमें किसी सनकी की नजर सामने आ रही है।
जानकारी में सामने आया है कि वजीराबाद, चकरपुर, नाथुपर और आसपास के क्षेत्र में दूसरे प्रदेशों के हजारों की तादाद में लोग रहते है। जो अपने बच्चों को घरों में छोड़कर मजदूरी के लिए निकल जाते है।
दो साल में चार बच्चियों से दुष्कर्म
पिछले दो साल में बच्चियों के साथ हुए दुष्कर्म के मामले में ऐसी ही बच्चियों को शिकार बनाया गया है जो कहीं अकेली बाहर घुम रही हो। इन्हें या तो टॉफी अथवा किसी चीज के लालच के बहाने ले जाकर हैवानियत का शिकार बना छोड़ दिया गया।
तीन मामलों में बच्चियां सात साल की उम्र है। चकरपुर में दो साल की मासूम बच्ची के साथ हुए दुष्कर्म मामले में पीड़ित परिजनों ने बताया था कि इससे पहले भी यहां पर दो बच्चियां ऐसे ही शिकार हो चुकी है लेकिन यहां की मौजूदा स्थिति को देखते हुए लोग इतने ज्यादा डरे हुए है कि वे पुलिस तक नहीं गए।
तीनों केसों में पुलिस ने ब्लाइंड केस कहते हुए इनकी जांच ठंडे बस्ते में डाल दिया है। लेकिन तीनों केस हिस्ट्री खंगाली जाए तो हकीकत कुछ और निकल सकती है।
आखिर मासूम बच्चियां ही शिकार क्यों?
पिछले मामलों पर गौर किया जाए तो तीनों मामलों में मासूम बच्चियों का ही दरिदंगी का शिकार बनाया गया है। पिछले साल एक अगस्त को चकरपुर में दो वर्षीय मासूम के साथ हुए दुष्कर्म के मामले में एक महिला ने बताया था कि बच्ची एक युवक का हाथ थामे जा रही थी।
जबकि, दो साल पहले 22 जून 2013 में भी सिंकदरपुर मेट्रो स्टेशन के पास भंडारे में खाना खाने के दौरान अज्ञात शख्स पांच वर्षीय बच्ची को साथ ले गया।
पिछले साल सेक्टर-27 में 12 वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या वाले चर्चित मामले में भी सामने आया कि बच्ची द्वारा पहचान कर लिए जाने के डर से उस अज्ञात ने बच्ची की हत्या कर दी थी।
इस घटना के बाद स्वयंसेवी संस्था पीड़ित परिजनों की मदद के लिए आगे आई है। स्वयंसेवी संस्था सच्ची शिक्षा ट्रस्ट फरिश्ते ग्रुप ने पीड़िता के केस में मुफ्त कानूनी मदद दे रही है।
संस्था की महासचिव एडवोकेट अंजू रावत नेगी ने बताया कि संस्था के सदस्य पीड़ित परिजनों से संपर्क साधे हुए है। उन्हें पूरी मदद दी जा रही है। उनकी तरफ से समवित अस्पताल में मुफ्त इलाज भी कराया जाएगा।
22 जून 2013: सिंकदरपुर मेट्रो स्टेशन के पास भंडारे में खाना खिलाने के बहाने पांच वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म को अंजाम दिया गया। इस मामले में भी पुलिस अबतक आरोपी की पहचान तक नहीं कर पाई है।
1 अगस्त 2014: चकरपुर गांव में दो वर्षीय बच्ची को टॉफी के लालच में ले जाकर उसका दुष्कर्म कर दिया। पुलिस की तरफ से ईनाम की घोषणा के बावजूद आरोपी का कोई सुराग नहीं लग सका है।
4 अगस्त 2014: सेक्टर-27 में 11 वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म कर उसकी हत्या कर दी गई। इस मामले में एसआईटी जांच के बावजूद पुलिस के हाथ अबतक खाली है।