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mental health day: चिंता, अवसाद और तनाव के बढ़ रहे मरीज, डॉक्टर ने बताया किन कारणों से बिगड़ रही मानसिक सेहत

Wed, 09 Oct 2024 08:01 PM IST
श्याम जी. अमर उजाला नेटवर्क, ग्रेटर नोएडा

सार

अंतरराष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर जिम्स की मनोचिकित्सा विभाग की प्रमुख डॉ. किरन जाखड़ ने बताया कि बिगड़ती जीवन शैली और तनाव दिमाग की सेहत बिगाड़ रहा है। मनोचिकित्सा विभाग में आने वाले मरीजों में 30 फीसदी अवसाद और तनाव की समस्या से ग्रस्त मरीज आते हैं।
 
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जिम्स की मनोचिकित्सा विभाग की प्रमुख डॉ. किरन जाखड़ - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बदलती जीवन शैली, कार्य स्थल का दबाव और खान-पान आदि के चलते मानसिक स्वास्थ्य बुरी तरह प्रभावित हुआ है। यही कारण है कि चिंता, अवसाद, तनाव आदि के ग्रसित मरीजों की संख्या में बढ़ोत्तरी हुई है। कासना स्थित राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (जिम्स) के मनोचिकित्सा विभाग में आने वाले मरीजों में सबसे ज्यादा संख्या अवसाद, घबराहट, बेचैनी के मरीजों की है। कुल मरीजों में इनकी संख्या 30 फीसदी तक है। अन्य मरीजों में व्यवहारगत समस्या, नशा आदि के शिकार मरीज होते हैं।

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जिम्स की मनोचिकित्सा विभाग की प्रमुख डॉ. किरन जाखड़ कहती हैं कि बाहर से मानसिक समस्या दिखाई भले ही न दे लेकिन अंदर ही अंदर यह व्यक्ति को नुकसान पहुंचा रही होती है। जीवन शैली को सही करके, खानपान और शारीरिक रूप से स्वयं को सक्रिय रखकर हम इसको काफी हद तक ठीक कर सकते हैं। कुछ समस्याएं जैविक रूप से होती हैं उनके लिए अलग उपचार है।
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झाड़फूंक नहीं सही इलाज है उपाय
डॉ. जाखड़ कहती हैं कि कुछ लोग मानसिक समस्याओं का इलाज झाड़फूंक करके या ऊपरी चक्कर को दूर करके करने की कोशिश करते हैं। यह अंधविश्वास है। मानसिक समस्याओं को लेकर जागरूकता बहुत जरूरी है। लोगों को जागरूक होना चहिए कि झाड़फूंक या ऊपरी चक्कर के बजाय यह एक मानसिक बीमारी है जिसका इलाज संभव है।

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