पांच माह से वेतन नहीं मिलने से नाराज पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिडेट के डिवीजन पांच के करीब 80 संविदाकर्मी शुक्रवार से हड़ताल पर जा सकते हैं। ऐसे में इस डिवीजन के अंतर्गत आने वाले सेक्टर-104, 105, 107, 46, 47, 48, बरौला, सेक्टर-20, सेक्टर-26, हाजीपुर समेत तकरीबन 43 सेक्टरों और गांवों में बिजली संकट पैदा हो सकता है। वेतन देने, 2012 से काटे जा रहे पीएफ की जानकारी और ईएसआई कार्ड देने की मांग को लेकर बृहस्पतिवार को सेक्टर-11 स्थित बिजली घर पर संविदा कर्मियों ने धरना-प्रदर्शन किया।
संविदा कर्मचारी नरेश ने बताया कि अक्तूूबर 2015 से 31 मार्च 2016 तक का वेतन नहीं मिला है। होली के दौरान ठेकेदार की ओर से चेक दिए गए थे, लेकिन बाद में चेक बैंक में लगाने से मना कर दिया गया। कुछ ने चेक लगा दिए थे, जो बाउंस हो गए। बिजली विभाग में एसडीओ से लेकर अधीक्षण अभियंता तक को इसकी जानकारी है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
भारतीय मजदूर संघ के संगठन मंत्री शंकर लाल ने बताया कि एसडीओ सेवा राम ने आश्वासन दिया है कि शुक्रवार को वेतन मिल सकता है। इस संबंध में ठेकेदार से बात करेंगे। यदि वेतन नहीं मिला, तो संविदाकर्मी कार्य बहिष्कार कर उपखंड कार्यालय पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे।
क्यों हो सकता है बिजली संकट
गर्मी में शहर में बिजली संबंधित लोकल फॉल्ट दुरुस्त करने, ब्रेक डाउन को ठीक करने और उपभोक्ताओं की बिजली संबंधी शिकायत सबसे ज्यादा होती है। फॉल्ट और ब्रेक डाउन के चलते सबसे ज्यादा बिजली संकट होता है। इसे ठीक करने का जिम्मा संविदा कर्मियों पर होता है। संविदा कर्मी यदि हड़ताल पर चले गए, तो डिवीजन पांच के पूरे क्षेत्र में बिजली आपूर्ति की दिक्कत शुरू हो जाएगी।