जेवर से पलवल जाने वाले सड़क मार्ग पर 30 घंटे तक भीषण जाम लगा रहा। इस कारण 24 किलोमीटर तक वाहन जाम में फंसे रहे। मंगलवार सुबह लगा जाम बुधवार सुबह खुला। जेवर मेन चौराहे पर मंगलवार को जाम में आधे घंटे तक एक एंबुलेंस फंसी रही, जिससे एक घायल युवक की मौत हो गई थी। हैरानी की बात यह है कि स्थानीय ट्रैफिक पुलिस की बजाय अलीगढ़ और हरियाणा पुलिस ने मशक्कत के बाद जाम खुलवाया।
पलवल से जेवर कस्बे तक लगा जाम बुधवार सुबह यमुना एक्सप्रेसवे के जेवर इंटरचेंज तक जा पहुंचा। यमुना एक्सप्रेसवे की दो लाइनों पर वाहनों की भीड़ एकत्रित हो गई। इसके बावजूद ट्रैफिक पुलिस ने जाम नहीं खुलवाया।
बता दें कि दिल्ली में नो एंट्री के बाद एनएच 2 वाहनों के भारी दबाव को झेल रहा है। ऐसे में वाहनों की संख्या बढ़ने से जाम की समस्या बढ़ जाती है। इसके अलावा कई विभाग के कुछ कर्मियों ने क्षेत्र को अवैध उगाही का ठिकाना बना रखा है।
वाहन चालकों के अनुसार, हरियाणा से यमुना पुल के बाद ही अलग-अलग विभाग के कर्मचारी रात में गाड़ियां लगाकर उनसे उगाही करते हैं, जो जेवर पलवल मार्ग पर जाम की मुख्य वजह है। वाहन चालकों के सड़क किनारे खड़े होने से जाम के हालात बनते हैं। सुबह होते ही वाहनों के चलने से रोड जाम हो जाती है।
दो जिलों की सीमा होने से अधिकारी नहीं दिखाते तत्परता
जेवर से पलवल जाने वाला मार्ग जेवर से गोपालगढ़ तक गौतमबुद्ध नगर की सीमा का क्षेत्र है। उसके बाद स्यारौल हामिदपुर पीपली अलीगढ़ जिले की सीमा का क्षेत्र है। इसके बाद फिर से जेवर कोतवाली का क्षेत्र झुप्पा शुरू हो जाता है। जाम लगने के बाद दोनों जिले के अधिकारी जाम की वजह एक दूसरे के क्षेत्र में बता कार्रवाई करने से बचते हैं।