अब विवाह का पंजीकरण कराना और आसान हो गया है। पंजीकरण को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश सरकार ने तय शर्तों में तीन तरह की ढील दे दी है। ये तीनों लागू भी हो चुकी हैं।
पहली बड़ी रियायत यह है कि विवाह पंजीकरण के लिए राजपत्रित अधिकारी के प्रमाणपत्र की अनिवार्यता को खत्म कर दिया गया है। अब तक राजपत्रित अधिकारी, ग्राम प्रधान, नगर पालिका परिषद व जन प्रतिनिधि का प्रमाण पत्र लगाना पड़ता था। अब इसके बिना भी विवाह का पंजीकरण हो सकता है।
दूसरा, संशोधन यह किया गया है कि लड़की के निवास के आधार पर भी विवाह का पंजीकरण हो सकता है। अब तक सिर्फ वर के निवास या विवाह के स्थल के पते पर ही विवाह का पंजीकरण होता है।
उदाहरण के तौर पर अगर वर नोएडा का निवासी है या फिर विवाह यहीं हुआ हो, तभी यहां केसबरजिस्ट्रार कार्यालय में पंजीकरण हो सकता है। ये दोनों न होने पर यहां विवाह पंजीकरण नहीं हो सकता था। भले ही लड़की यहां की रहने वाली क्यों न हो। अब लड़की के पते पर भी पंजीकरण हो सकता है।
तीसरा संशोधन यह किया गया है कि वर-वधू केसाथ आवेदन पत्र पर गवाह की फोटो लगती थी। अब फोटो की जरूरत नहीं है, सिर्फ आईडी लगाने से गवाही मान ली जाएगी।
विदेश जाने वाले ही करा रहे पंजीकरण
शादी, विवाह
- फोटो : फाइल फोटो
एआईजी स्टांप एसके सिंह का कहना है, कि इन तीनों रियायतों से काफी राहत मिलेगी। इससे विवाह पंजीकरण को बढ़ावा मिलेगा।
ऐसे कर सकते हैं आवेदन
विवाह का पंजीकरण कराने के लिए सिर्फ ऑनलाइन आवेदन ही किया जा सकता है। विभागीय वेबसाइट (222.द्बद्दह्म्ह्यह्वश्च.द्दश1.द्बठ्ठ) पर विवाह पंजीकरण का कॉलम दिया गया है।
आवेदक जरूरी दस्तावेजों को स्कैन कर उसे आवेदन पत्र में दिए गए कॉलम में अपलोड कर सकते हैं। आवेदन करते ही रजिस्ट्रेशन का नंबर और समय दिया रहेगा।
उसी तय समय पर दफ्तर पहुंचकर पंजीकरण करा सकते हैं। कार्यालय आने पर फोटो भी खिंचेगा। साथ ही आवेदन के साथ लगे दस्तावेजों की हार्ड कॉपी भी देखी जाएगी। विवाह पंजीकरण शुल्क 10 रुपये है।
ज्यादातर विवाह पंजीकरण विदेश जाने के लिए कराए जा रहे हैं। रजिस्ट्री विभाग के मुताबिक पंजीकरण कराने के लिए कार्यालय आने वाले ज्यादातर लोग विदेश जाने को ही वजह बताते हैं, क्योंकि अगर पति-पत्नी एक साथ विदेश जाते हैं तो विवाह पंजीकरण प्रमाणपत्र देना जरूरी होता है। विदेश जाने केपीछे भी दो बड़ी वजह होती है। पहली वजह हनीमून और दूसरी वजह नौकरी है।