मनी लॉन्ड्रिंग का अपराध सिसोदिया के बिना संभव नहीं हो सकता था : ईडी
हुसैन ने कहा कि सिसोदिया उस शराब नीति के लिए जिम्मेदार थे, जिसे कई आरोपी व्यक्तियों द्वारा अपराध की लूटी गई आय को स्थापित करने और थोक लाभ को बढ़ाने के उद्देश्य से तैयार किया था। हुसैन ने सिसोदिया की जमानत याचिका का विरोध करते हुए यह भी दलीलें दीं कि आबकारी नीति मामले में मनी लॉन्ड्रिंग का अपराध सिसोदिया के बिना संभव नहीं हो सकता था। ईडी ने आरोप लगाया कि थोक वितरकों ने 581 करोड़ रुपये की निश्चित फीस हासिल की थी। इससे नई आबकारी नीति में मुनाफा 5 से बढ़कर 12 प्रतिशत हो गया था, जिसे बाद में खत्म किया गया। थोक विक्रेताओं की ओर से कमाए गए बड़े मुनाफे के चलते ही सुप्रीम कोर्ट ने अक्तूबर में सिसोदिया की याचिका खारिज की थी। ईडी ने अदालत को बताया कि ये अतिरिक्त मुनाफा करीब 338 करोड़ रुपये का था।
विजय नायर के सिसोदिया से थे गहरे संपर्क : ईडी
हुसैन ने अदालत को बताया कि अपराध के सबूत नष्ट कर दिए गए हैं। विजय नायर सिसोदिया और आम आदमी पार्टी के अन्य बड़े नेताओं के निर्देशों के तहत काम कर रहे थे। नायर आप का कोई सामान्य कार्यकर्ता नहीं, बल्कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के करीबी सहयोगी थे और उनका सिसोदिया के साथ गहरा संपर्क था। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई बुधवार के लिए स्थगित की है।
अपनी विधानसभा के लोगों के लिए सिसोदिया ने लिखा पत्र
शुक्रवार को सिसोदिया ने तिहाड़ जेल से पूर्वी दिल्ली में अपने विधानसभा क्षेत्र पटपड़गंज के लोगों को पत्र लिखा था। जिसमें उन्होंने कहा था कि वो जल्दी ही बाहर मिलेंगे। पिछले एक साल में उनको सबकी याद आई।
सिसोदिया ने लिखा कि मुझे खुशी है अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में दिल्ली में शिक्षा क्रांति आई। हमने बहुत ईमानदारी से मिलकर काम किया। सिसोदिया ने अपनी चिट्ठी के जरिए केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा है। सिसोदिया ने लिखा कि जैसे आजादी के वक्त अंग्रेजों के खिलाफ सबने लड़ाई लड़ी। वैसे ही हम अच्छी शिक्षा के लिए लड़ाई लड़ रहे हैं।
मनीष सिसोदिया ने लिखा, 'जल्दी ही बाहर मिलेंगे। शिक्षा क्रांति जिंदाबाद, लव यू ऑल। पिछले एक साल में मुझे सबकी याद आई। सबने बहुत ईमानदारी से मिलकर काम किया। जैसे आजादी के समय सबने लड़ाई लड़ी वैसे ही हम अच्छी शिक्षा और स्कूल के लिए लड़ रहे हैं। अंग्रेजों की तानाशाही के बाद भी आजादी का सपना सच हुआ। वैसे ही एक दिन हर बच्चे को सही और अच्छी शिक्षा मिलेगी। अंग्रेजों को भी अपनी सत्ता का बहुत घमंड था। अंग्रेज भी झूठे आरोप लगाकर लोगों को जेल में बंद करते थे। अंग्रेजों ने कई सालों तक गांधी को जेल में रखा। अंग्रेजों ने नेल्सन मंडेला को भी जेल में डाला। ये लोग मेरी प्रेरणा है और आप सब मेरी ताकत।'
सिसोदिया ने आगे लिखा, 'विकसित देश होने के लिए अच्छी शिक्षा, स्कूल का होना जरूरी। मुझे खुशी है अरविंद केजरीवाल जी के नेतृत्व में दिल्ली में शिक्षा क्रांति आई। अब पंजाब शिक्षा क्रांति की खबर पढ़कर सुकून मिलता है। जेल में रहकर मेरा प्यार आप लोगों के लिए और बढ़ा। मेरी पत्नी का आप लोगों ने बहुत ध्यान रखा। सीमा आपकी सबकी बात करते हुए भावुक हो जाती है। आप सब अपना ख्याल रखिए।'
मनीष सिसोदिया पिछले एक साल से दिल्ली शराब घोटाले के आरोप में जेल में बंद हैं। 26 फरवरी, 2023 को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने मनीष सिसोदिया को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद 28 फरवरी को सिसोदिया ने दिल्ली कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया था।