एजेंसी को मिले दो नवजात
सीबीआई के अधिकारी ने बताया कि हमें इनपुट मिले थे इसी आधार पर हमारी टीम ने हरियाणा और दिल्ली के सात ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन चलाया था। इस ऑपरेशन में हमें एक डेढ़ दिन तो दूसरा 15 दिन के दो नवजात मिले। यह गिरोह इन्हें बेचने की फिराक में था।
कैसे बेचते थे बच्चा
पकड़े गए आरोपियों से शुरुआती पूछताछ में पता चला है कि यह लोग बच्चों को बेचने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लिया करते थे। आमतौर पर ये फेसबुक पेज, व्हाट्सएप ग्रुप जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर विज्ञापन देकर गोद लेने वाले इच्छुक निःसंतान दंपत्तियों से संपर्क किया करते थे।
कितने में होता था एक बच्चे का सौदा
अधिकारी ने बताया कि ये वास्तविक माता-पिता और सरोगेट माताओं से भी बच्चा खरीदकर निःसंतान दंपत्तियों को बेचा करते थे। एक नवजात की कीमत चार से छह लाख रुपये होती थी। इन्होंने कई निःसंतान माता-पिता के साथ लाखों रुपये की ठगी भी की है। तलाशी के दौरान इनके पास से साढ़े पांच लाख रुपये कैश और गोद लेने से संबंधित कई दस्तावेज बरामद किए गए हैं।