एस्मा कानून के बीच बिजली कर्मचारियों की दो दिवसीय हड़ताल बुधवार से शुरू हो गई। बुधवार को बिजली कर्मचारियों ने निजीकरण के विरोध में निगम के कार्यालयों पर ताला लगाकर सरकार तथा विभाग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर जमकर नारेबाजी की।
हड़ताल के चलते उपमंडल के कई गांवों की बिजली आपूर्ति बुधवार की सुबह दिन निकलते ही बाधित हो गई। जिससे क्षेत्रीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
वहीं कर्मचारियों की हड़ताल के मद्देनजर सरकार द्वारा जिले के संवेदनशील बिजली स्टेशनों पर पुलिस का पहरा बैठा दिया गया है। ताकि बिजली आपूर्ति को बाधित होने से बचाया जा सके। बिजली कर्मचारियों ने प्रदेश के 23 डिविजनों के निजीकरण करने सहित अन्य लंबित मांगों के पूरा न होने के विरोध में दो दिवसीय हड़ताल की है।
इसी के चलते बुधवार को दो दिसवीय हड़ताल पर गए बिजली कर्मचारियों ने एस्मा कानून के बीच बिजली निगम के कार्यालयों पर सरकार विरोधी नारे लगाकर निजीकरण करने के विरोध में आवाज उठाई।
बिजली कर्मचारियों की हड़ताल के चलते जिला प्रशासन ने जिले भर में धारा 144 और आवश्यक सेवा अनुरक्षण कानून यानि (एस्मा) को लागू कर शांति बनाए रखने का प्रयास किया।
हड़ताल के दौरान किसी प्रकार की कोई अप्रिय घटना न हो इसलिए जिले के उन संवेदनशील बिजली स्टेशनों पर पुलिस के जवान हथियारों सहित तैनात रहे, जहां प्रशासन को डर था कि बिजली कर्मचारी हड़ताल को सफल बनाने के लिए बिजली आपूर्ति बाधित कर सकते हैं।
फिरोजपुर झिरका उपमंडल के ड्यूटी मजिस्टेट प्रदीप देशवाल ने बताया कि बिजली कर्मचारियों की हड़ताल को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्कता से काम ले रहा है।
हड़ताल के दौरान बिजली कर्मचारी अगर उग्र होते हैं तो उनसे सख्ती से निपटा जाएगा। इसके लिए पुलिस के जवानों की तैनाती की गई है। कानून व्यवस्था बनाए रखी जाएगी।