तीस हजारी अदालत ने बृहस्पतिवार को अंकित सक्सेना हत्याकांड के तीनों आरोपियों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही तीनों पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। अंतर धार्मिक प्रेम संबंधों के कारण फरवरी, 2018 में फोटोग्राफर अंकित सक्सेना की दिनदहाड़े हत्या कर दी गई थी।
तीस हजारी कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सुनील कुमार शर्मा ने इस मामले में अभियोजन पक्ष व अभियुक्तों की दलीलें सुनने के बाद दो मार्च को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। पिछले साल 23 दिसंबर को अदालत ने सक्सेना की प्रेमिका शहजादी के माता-पिता अकबर अली और शहनाज बेगम तथा मामा मोहम्मद सलीम को इस मामले में दोषी ठहराया था। ये तीनों सक्सेना और शहजादी के रिश्ते के खिलाफ थे। इसी वजह से उन्होंने पश्चिमी दिल्ली के ख्याला इलाके में चाकू से ताबड़तोड़ वारकर सक्सेना की हत्या कर दी थी। इनके खिलाफ आईपीसी की धारा 302 (हत्या) और 34 (सामान्य इरादा) के तहत आरोप तय किए गए थे। शहनाज बेगम को भी जानबूझकर चोट पहुंचाने के अपराध का दोषी ठहराया गया था।
अंकित की मां फैसले से खुश नहीं, हाईकोर्ट का रुख करेंगी
अंकित हत्याकांड मामले में तीस हजारी अदालत के फैसले से उनकी मां संतुष्ट नहीं है। बेटे को उचित न्याय दिलाने के लिए अब वह उच्च न्यायालय का रुख करेंगी। अंकित सक्सेना की मां ने बृहस्पतिवार को अदालत की ओर से उनके बेटे की दिन दहाड़े हत्या के मामले में तीन लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाए जाने पर कहा कि वह अपने बेटे के हत्यारों के लिए मौत की सजा से कम कुछ भी नहीं चाहती थी। सब कुछ खो दिया है, लेकिन वे सलाखों के पीछे भी अपने जीवन का आनंद ले रहे हैं। उन्हें कोई पछतावा नहीं है। सजायाफ्ता कैदी को फांसी दिए जाने के बाद ही उन्हें न्याय मिलेगा। कमलेश ने कहा कि वह अदालत के फैसले से संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने उच्च न्यायालयों में मामला बढ़ाने पर कहा कि निश्चित रूप से वह उच्च न्यायालयों में जाएंगी।
दोषियों पर लगाए गए जुर्माने के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि जुर्माना राशि भी बहुत कम है। यही नहीं मुआवजे की राशि भी भी बहुत कम है। उन्होंने कहा कि बेटा पैसे से नहीं आने वाला है। तीस हजारी अदालत ने सक्सेना की प्रेमिका शहजादी के माता-पिता अकबर अली और शहनाज बेगम और मामा मोहम्मद सलीम को उम्रकैद की सजा सुनाई और उन पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।