आजादी के बाद शेख फरीद की नगरी ने औद्योगिक क्षेत्र में तो अपना परचम लहराया, लेकिन राजनीति में उपेक्षित रहा। केंद्रीय राजनीति में कभी फरीदाबाद को जगह नहीं मिली।
मोदी सरकार ने कृष्णपाल गुर्जर को राज्य मंत्री बनाकर इस खालीपन को भर दिया है। 1989 में कांग्रेस के कद्दावर नेता भजनलाल फरीदाबाद से सांसद चुने गए थे, लेकिन उस वक्त के मंत्रिमंडल में उन्हें भी जगह नहीं मिली थी।
तीन बार भाजपा से सांसद रहे रामचंद्र बैंदा को भी यह मौका नहीं मिला। कांग्रेस से चार बार सांसद (एक बार मेरठ से) रहे अवतार सिंह भड़ाना भी इस उपलब्धि से चूक गए। लेकिन गुर्जर पहली बार सांसद बने और उन्हें मंत्री पद भी मिल गया।
गुर्जर ने चुनाव में रिकॉर्ड 4,66,873 वोटों से अवतार भड़ाना को हराकर न सिर्फ लोगों को चौंका दिया था। बल्कि अब केंद्रीय राजनीति में इस शहर का नाम रोशन कर दिया है।
'जनता और पार्टी के प्यार से मिली उपलब्धि'
सांसद कृष्णपाल गुर्जर ने मंत्री बनने के बाद ‘अमर उजाला’ से बातचीत में कहा कि सुबह 8:50 बजे खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फोन कर गुजरात भवन बुलाया। यह उनकी जिंदगी का सबसे अनमोल क्षण था। यह जनता और पार्टी के प्यार की बदौलत हुआ है।
उन्हें जनता ने जो प्यार दिया है उस पर वे खरा उतरेंगे। इस कर्ज को वे ब्याज सहित लौटाएंगे। इस शहर के लिए विशेष पैकेज ले आएंगे। इसका खोया हुआ गौरव लौटाएंगे।
यहां पर कोई न कोई बड़ा सरकारी उद्योग लाने, स्टेडियम की दशा सुधारने, सूरजकुंड और बड़खल का कायाकल्प करने का काम किया जाएगा। मोदी सरकार में हर आदमी की तरक्की होगी।