बीजेपी ने किरण पर बेशक प्रत्याशी के तौर पर दांव नहीं खेला है लेकिन सोशल मीडिया में बेदी को भरपूर समर्थन मिल रहा है। कमल थामने के बाद किरण बेदी की भारत ही नहीं, विदेशों में भी मांग बढ़ गई है।
15 जनवरी से किरण लगातार हॉट ट्रेंड में हैं। तीन दिनों में किरण के फेसबुक पेज से करीब 37 हजार यूजर्स जुड़े हैं, जिसकी दर लगभग 231.4 फीसदी है। वहीं, ट्विटर पर लगभग एक लाख नए फॉलोअर्स भी मिले हैं।
दिल्ली विधानसभा चुनाव 2015 का बिगुल बजते ही राजधानी में पार्टी कार्यालयों समेत बाजारों में बेशक रौनक न हो लेकिन सोशल मीडिया चुनावी रंग में रंग चुका है।
सोशल मीडिया पर किरण बेदी पहली पसंद
मैदान में बीजेपी, ‘आप’ और कांग्रेस की टक्कर है लेकिन सोशल मीडिया में किरण के नाम की ही धूम दिख रही है। पिछले तीन दिनों से फेसबुक समेत ट्विटर पर यूजर्स की पहली पसंद किरण ही हैं।
तीन दिनों में फेसबुक पर 35 हजार से अधिक नए यूजर्स किरण से जुड़े हैं जबकि 8,10,000 से अधिक यूजर्स ने प्रोफाइल को लाइक किया है, जोकि 4.5 फीसदी की दर से आगे बढ़ रहा है।
जबकि 20 हजार से अधिक लोग फेसबुक पर किरण के मुद्दे पर कमेंट के माध्यम से बोल रहे हैं। वहीं, ट्विटर पर लगभग एक लाख से अधिक नए यूजर्स जुड़े हैं। इस प्रकार किरण को लगभग 37 लाख यूजर्स फॉलो कर रहे हैं।
मोदी के साथ फोटो को 50 हजार लाइक
अन्ना मुहिम से जुड़ने के बाद किरण सोशल मीडिया से सदैव जुड़ी रहती हैं। हालांकि भगवा में रंगने के बाद से लगातार पीएमओ इंडिया को रि-ट्वीट कर रही हैं, जोकि प्रधानमंत्री मोदी का अधिकारिक ट्विटर अकाउंट है।
मोदी की तर्ज पर किरण भी मेक-इन-इंडिया, मेड-इन-इंडिया ,मेक-इंडिया के रंग में रंग चुकी हैं। गूगल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संग किरण की फोटो बृहस्पतिवार को टॉप ट्रेंड में रही।
इस फोटो को पचास हजार से अधिक यूजर्स ने सर्च करते हुए लाइक किया है। हालांकि उससे एक दिन पहले शाजिया इल्मी के कमल थामने की अफवाह के बाद सबसे अधिक सर्च किया गया था।
2011 के बाद 2015 में सर्च बढ़ा
गुगल सर्च व ट्रेंड दर्शाता है कि यूजर्स सबसे अधिक बेदी की बायोग्राफी पढ़ना चाहते हैं। उसके बाद किरण से जुड़ी खबरें और फिर तीसरे नंबर पर किरण की जिंदगी के बारे में जानकारी हासिल की जा रही है। चौथे पर किरण से कांटेक्ट का माध्यम व उसके बाद टिवटर व फेसबुक पर तलाश जा रहा है।
यूं तो किरण बेदी महिलाओं को आगे बढ़ने के लिए सदैव प्रेरित करती रहती हैं, लेकिन वर्ष 2011 में अन्ना हजारे के जन लोकपाल आंदोलन से जुड़ने के बाद किरण बेदी सबसे अधिक सर्च की जाती रही थीं। उसके बाद वर्ष 2015 में 15 जनवरी के बाद फिर से किरण बेदी को यूजर्स सर्च कर रहे हैं।