गुड़गांव के खेड़कीदौला टोल पर एक अप्रैल से वाहन चालकों की जेब और अधिक ढीली होगी।
टोल प्रबंधन ने एक तारीख से यहां टोल दर बढ़ाने का प्रस्ताव बनाकर राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) को भेज दिया है। एक महीने में यह दूसरी बढ़ोतरी होगी। इससे पूर्व 28 फरवरी से यहां टोल दर दुगने से अधिक कर दिया गया था।
लोकसभा चुनाव से पूर्व सरहौल टोल हटाकर एक हिस्से के वाहन चालकों को तो राहत दे दी गई, लेकिन दूसरे हिस्से के लोगों की आफत बढ़ गई है।
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टोल प्रबंधन के उपाध्यक्ष एवं प्रोजेक्ट हैड डीके खोसला ने बताया कि विश्व जनसंख्या मानक (डब्ल्यूपीए) के अनुरूप नए वित्त वर्ष की शुरुआत में टोल दर में बढ़ोतरी की जाती है। उन्होंने बताया कि मौजूदा दर में पांच से सात फीसदी की बढ़ोतरी की जा सकती है।
गौरतलब है कि खेड़कीदौला टोल पर बढ़ी दरों को लेकर कुछ सियासी दलों ने विरोध किया था, लेकिन चुनाव प्रक्रिया आरंभ होते ही यह विरोध हवा हो गया था। एक बारगी यह मामला बड़ा चुनावी मुद्दा बनता दिख रहा था।
गुड़गांव से आईएमटी मानेसर जाने वाले और रेवाड़ी-धारूहेड़ा और बावल के बीच सफर करने वालों की जेब पर काफी भार बढ़ा है।
मारुति उद्योग और हीरो होंडा की करीब 3000 वेंडर कंपनियां बावल, मानेसर, रेवाड़ी और धारूहेड़ा में हैं। इन स्थानों से रोज बड़ी संख्या में लोग गुड़गांव आवाजाही करते हैं।