कपड़े पर मूल्य संवर्द्धित कर (वैट) शुल्क पर यू-टर्न सरकार की एक सोची-समझी रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। इससे आम आदमी पार्टी की सरकार ने एक तीर से दो निशाने लगाए हैं।
एक तरफ जहां भाजपा ने व्यापारी वर्ग को खुश किया है तो वहीं टैक्स को लेकर ज्वेलर्स की लगातार चल रही हड़ताल व केंद्र सरकार के इसके प्रति अनसुने रवैये पर भी निशाना साधा है।
आमतौर पर भाजपा को बनियों की पार्टी मानी जाती रही है। कपड़े व जूते पर वैट लागू करने वाले बजट प्रस्ताव पर आम आदमी पार्टी की सरकार ने यू-टर्न लेकर यह साफ कर दिया है कि भाजपा जहां ज्वेलरों को सुनने को तैयार नहीं है, वहीं दिल्ली सरकार दो दिन बाद ही व्यापारी वर्ग की बातों को समझते हुए अपने निर्णय को वापस ले लिया है।
अच्छी सरकार का मतलब है कि व्यापार को खत्म नहीं होने दिया जाए
मंत्रियों के साथ अरविंद केजरीवाल
दरअसल पुरानी दिल्ली इलाके से हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, बिहार यहां तक कि बंगाल तक बड़े पैमाने पर व्यापार किया जाता है। लिहाजा सरकार के इस फैसले से पूरे देश के व्यापारी वर्ग में अपने संदेश को भेजने में सरकार सफल साबित हुई है।
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी कहा है कि यह फेमस रहा है कि भाजपा व्यापारियों की पार्टी है। लेकिन अब व्यापारी कहने लगे हैं कि आप व्यापारियों की पार्टी है।
उन्होंने कहा कि अच्छी सरकार का मतलब है कि व्यापार को खत्म नहीं होने दिया जाए। कहा कि बहुत से लोग मिलने आए थे। उन्होंने कहा पड़ोसी राज्यों में कपड़े पर टैक्स नहीं लगता। यहां हम चूक गए।
जब तक हमारी सरकार है, एक भी आदमी की रोटी नहीं खोने देंगे
अरविंद केजरीवाल
व्यापारियों ने कहा हम मर जाएंगे, मैंने कहा व्यापार कहीं नहीं जाने देंगे। जब तक हमारी सरकार है, एक भी आदमी की रोटी नहीं खोने देंगे। न्यायोचित बात पर बिजली की स्पीड से निर्णय होता है।
हमने यू-टर्न लिया लेकिन हमें इस यू टर्न पर फख्र महसूस हो रहा है। दूसरी तरफ पूरे देश के स्वर्णकार है जहां केन्द्र ने टैक्स लगाया। देश के सारे स्वर्णकार सड़क पर हैं। केंद्र की जिद है कि जनता का काम नहीं करेंगे।
एक तरफ केन्द्र जिद्दी, ढीठ, अहंकारी है, लोगों के काम नहीं करती, दूसरी तरफ दिल्ली सरकार गलती मानकर काम करती है। व्यापारियों ने कहा कि असली व्यापारियों की पार्टी आम आदमी पार्टी है।