केजरीवाल सरकार ने दिल्ली की बिजली किल्लत दूर करने और पीएम मोदी के किए गए वार का जवाब ढूंढ लिया है। केजरीवाल ने केंद्र सरकार के सामने अब ऐसी मांग रख दी है, जिससे दिल्लीवासियों को बिजली और पीएम मोदी को उनके सवालों का जवाब मिल जाएगा।
पीएम मोदी ने बीते रविवार अपने एक भाषण में आम आदमी पार्टी पर परोक्ष रूप से हमला करते हुए पूछा था कि जिसके पास बिजली नहीं है वह कैसे फ्री बिजली की बात करते हैं।
मोदी के इस कटाक्ष को मुश्किल से एक दिन ही हुआ था कि आप सरकार में ऊर्जा मंत्री सत्येंद्र जैन ने केंद्र सरकार से कोयला ब्लॉक की ही मांग कर दी। इस मांग को केजरीवाल के रणनीतिक कदम के रूप में देखा जा रहा है।
अगले पांच सालों में दिल्ली के पास होगी खुद की बिजली!
सत्येंद्र जैन से जब इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने बताया कि दिल्ली सरकार ने ऊर्जा क्षेत्र में बड़े बदलाव की तैयारी है। ये बदलाव पारंपरिक ऊर्जा के साथ ही नवीनकरणीय ऊर्जा में भी होंगे।
जैन ने बताया कि दिल्ली सरकार ने भारत सरकार से मांग की है कि उन्हें देश में कहीं भी जहां उपलब्ध हो, कोयला ब्लॉक आवंटित किया जाए। उन्होंने बताया कि जल्द ही प्रदेश सरकार इसके लिए औपचारिक पत्र भी लिखेगी।
प्रदेश सरकार की योजना है कि अगले चार-पांच सालों में वह खुद ही 4,000 मेगावाट बिजली उत्पन्न कर सकें।
दिल्लीवालों को मिल रही है महंगी बिजली
हालांकि दिल्लीवासी बिजली के दामों के बढ़ने की शिकायत करते रहते हैं लेकिन बिजली वितरण करने वाली कंपनियों का कहना है कि बिजली के बिल के रूप में इकट्ठा किया गया 80 प्रतिशत पैसा तो उसकी लागत में ही चला जाता है।
आपको बता दें कि इस वक्त दिल्ली को बिजली बहुत पुराने और अप्रभावी प्लांट से आती है इस पूरी प्रक्रिया में काफी खर्चा आता है। दिल्ली बिजली के लिए गैस प्लांट्स पर भी निर्भर है,जिनमें ईंधन की कमी होती है।
बिजली बनाने और आपूर्ति तक कई खामियां जिस वजह से आखिरी वक्त तक आपूर्ति में दिल्ली को मिलने वाली बिजली काफी महंगी हो जाती है जिसका सीधा असर आम-आदमी पर पड़ता है।
इस योजना से कर पाएंगे बिजली सस्ती
जैन ने बताया कि दिल्ली की सरकार एक महत्वकांक्षी योजना पर काम कर रही है,जिसमें वो खुद के कोल ब्लॉक से निजी कंपनी द्वारा बनाए गए अल्ट्रा मेगा पॉवर प्लांट के लिए ईंधन सप्लाई करेगी।
इसके बाद इस प्लांट में तैयार होने वाली बिजली दिल्ली को दी जाएगी। जैन ने आगे बताया कि कोल ब्लॉक मिल जाने के बाद प्रदेश सरकार कोल ब्लॉक के पास ही प्लांट बनाकर बिजली बनाने के लिए निलामी का आयोजन भी करेगी।
इस तरह कंपनी कोयला ब्लॉक के पास ही बिजली बनाने का काम करेगी ताकि कोयले को दिल्ली लाकर फिर बिजली बनाने के खर्च से बचा जा सके।
ऊर्जा मंत्री जैन आगे बोले कि उसके बाद सरकार बिजली निर्माता कंपनी से बिजली खरीदने का अग्रीमेंट करेगी, जिसमें उपभोग होने वाली बिजली का दाम दिल्ली सरकार देती रहेगी। इस तरह सरकार बिजली प्लांट के रखरखाव और निर्माण के खर्च में बचत हो जाएगी।