दिल्ली-एनसीआर में मूसलाधार बारिश
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करवा चौथ के मौके पर चांद बादलों के पीछे छिप हुआ था। चांद का दीदार करने के लिए लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ा। सुहागिनों के अलावा घर के दूसरे सदस्यों ने छत और बालकनियों में जाकर चांद को तलाशने की कोशिश की। आखिरकार प्रतीकात्मक रूप से चंद्रमा को मानकर सुहागिनों ने पूजा किया और व्रत पूरा किया।
करवा चौथ की शाम करीब साढ़े पांच बजे मौसम ने करवट ली और छह बजे से बारिश शुरू हो गई और ओले गिरने लगे। करीब आठ बजे तक बादलों की गरज चमक जारी थी और दिल्ली में अलग-अलग क्षेत्रों में कहीं तेज तो कहीं रिमझिम बारिश हो रही थी। दूसरी तरफ दिनभर से भूखी प्यासी सुहागिन महिलाएं इस उठापटक में दिखाई दीं कि आज आसमान में चांद दिखेगा भी या नहीं। फिलहाल रात को 9.22 बजे से महिलाओं ने पूजा और व्रत खोलना शुरू कर दिया था। इधर दिन में मंडावली में महिलाओं के लिए करवा चौथ व्रत कथा का सामूहिक आयोजन किया गया। सैकड़ो सुहागिन महिलाओं ने इसमें हिस्सा लिया।
कथा वाचक शास्त्री पंडित चमन लाल भारद्वाज ने मंडावली में सामूहिक कथा वाचन किया। स्थानीय कांग्रेस नेता और समाजसेवी दीपक भारद्वाज ने सामूहिक कार्यक्रम का आयोजन कराया था। उन्होंने बताया कि करवा चौथ समर्पण और संघर्ष का प्रतीक है, महिलाएं अपने पति की दीर्घ आयु के लिए कठिन व्रत रखती हैं। वहीं इस कथा के बिना यह व्रत पूरा नही होता। तनाव और भागदौड़ भरी जिंदगी में महिलाएं कुछ पल एक साथ बिताएं और आपस में मेल जोल बढ़ाएं इसी सोच से उन्होंने सामूहिक कथा का आयोजन कराया।
करवा चौथ पर शराब के खिलाफ किया हस्ताक्षर
करवा चौथ के मौके पर घोंडा के गांवड़ी गांव में स्थित राधा कृष्ण मंदिर में महिलाओं ने सामूहिक रूप से मेहंदी लगवाई। इसके बाद दिल्ली में शराब के ठेकों के खिलाफ हस्ताक्षर अभियान चलाया। स्थानीय विधायक अजय महावर कार्यक्रम में शामिल थे। उन्होंने कहा कि महिलाओं का इसी तरह सहयोग मिला तो वह अपनी विधानसभा में शराब का ठेका नहीं खुलने देंगे।