सूत्रों की मानें तो फर्जी डिग्री मामले में फंसने के बाद इस्तीफा देने वाले कानून मंत्री जितेंद्र सिंह तोमर की जगह कपिल मिश्रा को दिल्ली का नया कानून मंत्री बनाया जा सकता है।
बता दें कि फर्जी डिग्री मामले में दिल्ली पुलिस ने मंगलवार को जितेंद्र सिंह तोमर को गिरफ्तार किया था। जिसके बाद उन्हें कोर्ट के आदेश के चलते चार दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया।
इस घटनाक्रम के बाद तोमर ने कानून मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया था जिसे सीएम केजरीवाल ने स्वीकार कर लिया। तोमर की जगह अब करावल नगर से आम आदमी पार्टी के विधायक कपिल मिश्रा को दिल्ली का नया कानून मंत्री बनाने का फैसला किया गया है।
आम आदमी पार्टी के मुताबिक तोमर ने पार्टी की छवि को नुकसान से बचाने के लिए रिमांड पर भेजे जाने से पहले ही इस्तीफा दे दिया था। जिसे सीएम अरविंद केजरीवाल ने मंजूर कर लिया था। कपिल मिश्रा करावल नगर से विधायक होने के साथ दिल्ली जल बोर्ड के उपाध्यक्ष भी हैं।
जानिए कौन हैं कपिल मिश्रा?
कपिल मिश्रा ने दिल्ली स्कूल ऑफ सोशल वर्क से सोशल वर्क में मास्टर किया है। इसके अलावा कपिल प्रतिष्ठित अंर्तराष्ट्रीय संस्थाओं ग्रीनपीस और एमनेस्टी इंटरनेशनल पॉलिटिकल एंड बिजनेस के साथ भी काम कर चुके हैं।
कपिल नई दिल्ली में खेले गए राष्ट्रमंडल खेल 2010 के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले पहले व्यक्ति हैं। इस पर उन्होंने 'इट्स कॉमन वर्सेस वेल्थ' नाम से एक किताब भी लिखी। जिसमें उन्होंने राष्ट्रमंडल खेलों से जुड़े विभिन्न घोटालों के बारे में लिखा है।
नई दिल्ली के एक सामाजिक एक्शन समूह 'यूथ फॉर जस्टिस' के सह संस्थापक और समन्वयक के तौर पर कपिल विभिन्न सामाजिक-आर्थिक मुद्दों, जेसिका लाल मर्डर केस, किसान आत्महत्या जैस कई मामलों पर देश के विभिन्न हिस्सों में युवा आदोंलनों का नेतृत्व कर चुके हैं। कपिल अबतक मानव सरोकार के मूल्यों और जनता से जुड़े सीधे मुद्दों पर मुखर नजर आए हैं।
कपिल ने राष्ट्रमंडल खेलों के नाम पर यमुना को हानि पहुंचाने के मुद्दे को लेकर दिल्ली विधानसभा में हंगामा भी किया था। जिसके बाद उन्हें हिरासत में भी लिया गया था। एक न्यूज चैनल में उन्होंने सिटीजन जर्नलिस्ट के तौर पर यमुना नदी को लेकर एक रिपोर्ट भी पेश की।
एक और आप नेता की डिग्री फर्जी !
इससे पहले आम आदमी पार्टी को बुधवार को भी कोर्ट ने एक भी बड़ा झटका दिया। कोर्ट ने एंटी करप्शन ब्यूरो पर केंद्र सरकार के नोटिफिकेशन पर रोक लगाने की दिल्ली सरकार की मांग को मानने से इंकार कर दिया है।
वहीं तोमर के बाद आप विधायक सुरेंद्र सिंह की डिग्री पर सवाल उठाए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि सुरेंद्र सिंह ने 2013 और 2015 के हलफनामे में अपनी योग्यता बीए बताई थी।
आरोप है कि सुरेंद्र सिंह ने जिस कॉलेज से बीए किया है यूजीसी ने 2012 में ही उस कॉलेज में एडमिशन पर पाबंदी लगा दी थी। इस नियम के मुताबिक सुरेंद्र सिंह की डिग्री भी सवालों के घेरे में है।
इन सबके बीच विरोधी आम आदमी पार्टी की सरकार और केजरीवाल पर लगातार हमले कर रहे हैं। बीजेपी नेता प्रकाश जावडेकर ने कहा है कि केजरीवाल हमेशा भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ने की बात करते हैं, जबकि उन्होंने खुद एक भ्रष्ट व्यक्ति को दिल्ली का कानून मंत्री बनाया। इसके लिए उन्हें दिल्ली की जनता से माफी मांगनी चाहिए।