मयूर विहार फेज एक से होगी निर्बाध कनेक्टिविटी
बारापुला फेज-तीन मयूर विहार को 3.5 किमी लंबे फ्लाईओवर के माध्यम से सराय काले खां से जोड़ा जाएगा। इससे पूर्व, दक्षिण और नई दिल्ली के बीच संपर्क में सुधार होगा। इससे रिंग रोड पर निजामुद्दीन ब्रिज, भैरों मार्ग और आश्रम चौक पर यातायात का दबाव कम होगा।
परियोजना का लक्ष्य है कि मयूर विहार फेज एक और सराय काले खां के बीच निर्बाध कनेक्टिविटी। यह काॅरिडोर सराय काले खां पर बारापुला फेज एक से जुड़ेगा। इससे मयूर विहार से आईएनए का सफर सिग्नल फ्री हो जाएगा। वर्तमान में नोएडा और गाजियाबाद से अधिकतर वाहन चालक दिल्ली मेरठ एक्सप्रेस वे से सराय काले खां की तरफ आते हैं। बारापुला फेज तीन से गाजियाबाद और नोएडा से आने वाला यातायात बिना किसी रुकावट सीधे दक्षिणी दिल्ली की तरफ जा सकेंगे।
परियोजना में शुरू से ही देरी
इस परियोजना का निर्माण कार्य वर्ष 2015 में शुरू हुआ था। इसे वर्ष 2017 में पूरा होना था, लेकिन भूमि अधिग्रहण और कोरोना महामारी कारण इसमें देरी हुई। लंबी कानूनी लड़ाई के बाद, अदालत ने बीते वर्ष जनवरी में परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण को मंजूरी दे दी। इसके बाद छोटे-छोटे हिस्सों में भूमि का अधिग्रहण किया गया। बाद में बाढ़ आने के कारण निर्माण कार्य में बाधा आई। बाढ़ की वजह से मिट्टी दलदली हो गई थी, जिससे खंभों के निर्माण में दिक्कत आई। अब ढांचागत निर्माण कार्य 98 फीसदी पूरा किया गया है। परियोजना में देरी के कारण लागत में वृद्धि हुई। पहले इसकी लागत 964 करोड़ रुपये आंकी गई थी जो अब 1326 करोड़ हो गई है। बीते वर्ष एलजी वीके सक्सेना ने पाया था कि देरी के कारण परियोजना की लागत काफी बढ़ गई है। इस मामले में पीडब्ल्यूडी के कुछ अभियंताओं पर कार्रवाई की बात भी कही गई थी।