कुलपति ने कहा कि इस मामले में जांच जारी है, दोषियों को छोड़ा नहीं जाएगा। जेएनयू सबका है और किसी को भी किसी समूह या जाति विशेष के खिलाफ नफरत फैलाने या टिप्पणी करने का अधिकार नहीं है। भविष्य में दोबारा ऐसी घटनाओं को रोकने पर भी काम करेंगे।
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) की पहली महिला कुलपति और पूर्व छात्रा प्रोफेसर शांतिश्री डी पंडित ने सोमवार को कहा कि कैंपस दीवार पर ब्राह्मण विरोधी नारे लिखने की घटना में बाहरी लोगों का हाथ हो सकता है।
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उन्होंने कहा कि इस मामले में जांच जारी है, दोषियों को छोड़ा नहीं जाएगा। जेएनयू सबका है और किसी को भी किसी समूह या जाति विशेष के खिलाफ नफरत फैलाने या टिप्पणी करने का अधिकार नहीं है। भविष्य में दोबारा ऐसी घटनाओं को रोकने पर भी काम करेंगे।
जेएनयू कैंपस स्थित स्कूल ऑफ इंटरनेशनल स्ट्डीज (एसआईएस) की दीवारों पर ब्राह्मण और बनिया समुदाय के खिलाफ नारे लिखकर उसे विकृत किया गया था। इसमें उन्हें परिसर और देश छोड़ने को कहा गया था। इसी मुद्दे पर कुलपति ने इस घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया।
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उन्होंने कहा कि स्कूल ऑफ इंटरनेशनल स्ट्डीज में हमारी दीवारों के विरूपण की घटना बहुत दुर्भाग्यपूर्ण थी और मामले की जांच चल रही है। मामले के सामने आने के 24 घंटे के अंदर ही दीवारों की फिर से सफेदी कर दी गई थी। कुलपति ने कहा कि जानकारी में आया है कि संभवत: बाहरी लोगों ने कैंपस में आकर इस घटना को अंजाम दिया होगा।
उन्होंने कहा कि कैंपस में भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने और सुरक्षा को देखते हुए कुछ ठोस नीति बनाने की सोच रहे हैं। इस घटना के बाद जेएनयू ने अपने सभी केंद्रों से सीसीटीवी कैमरे लगाने को कहा है। वहीं, सभी स्कूलों और केंद्रों में केवल एक प्रवेश और निकास द्वार रखने की तैयारी है।