पृथ्वी की तर्ज पर चंद्रमा में भी भूकंप आते हैं। चंद्रयान -एक 2008 के डाटा से इसरो व जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के भू-वैज्ञानिकों को 22 मई 2015 को बड़ी सफलता मिली है।
क्योंकि भू -वैज्ञानिकों के चार साल के शोध को इंग्लैंड के प्लेनेटरी एंड स्पेस साइंस के जरनल ने भी सलाम करते हुए माना कि जो सफलता नासा को नहीं मिल सकी, उसे भारतीय संस्थान व वैज्ञानिकों ने ढूंढ निकाला है।
यह चंद्रमा से जुड़ी जानकारियों की सबसे बड़ी उपलब्धि है। खास बात यह है कि भूकंप के झटकों के चलते ही चांद का एक हिस्सा कुछ ऊपर उठा हुआ है, बीस किलोमीटर लंबी चट्टान में पत्थर भी इकट्ठे पड़े हैं।