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जाट नेताओं के समक्ष सरकार के सरेंडर पर उठ रहे सवाल

Mon, 20 Jun 2016 12:02 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव
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जाट आरक्षण - फोटो : amar ujala
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जाट आरक्षण आंदोलन में हुई हिंसा मामले में पुलिस के वांटेड और देशद्रोह के आरोपी यशपाल मलिक से सरकार द्वारा बातचीत किए जाने पर उठे सियासी बवाल को लेकर अब भाजपा नेता सफाई दे रहे हैं।
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पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सुभाष बराला ने कहा कि शांति के लिए सरकार किसी से भी बातचीत के लिए तैयार है। प्रदेश को खुशहाली, शांति और विकास के मार्ग पर ले जाने के लिए किसी से भी बातचीत के लिए सरकार के दरवाजे खुले हैं। कानून अपना काम करता रहेगा।


रविवार को सन सिटी में आयोजित भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक के समापन के बाद आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में बराला ने यह बात कही। यह पूछे जाने पर कि जब सरकार को जाट नेताओं के सामने सरेंडर ही करना था तो प्रदेश को इतने दिनों तक आरक्षण की आग में जलने क्यों दिया।
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इस पर बराला ने कहा कि जाट आरक्षण पर पार्टी का रुख बिल्कुल साफ है। हम आरक्षण देने के पक्ष में थे, इसलिए दिया। जहां तक अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक और परिवहन मंत्री कृष्णलाल पंवार के बीच दिल्ली में हुई वार्ता का सवाल है तो यह प्रदेश की बेहतरी के लिए किया गया।

प्रदेश में शांति स्थापना करना सरकार की प्राथमिकता है। पिछले दिनों कुछ लोगों की साजिश के कारण हरियाणा में समाज को बांटा गया है, अब इस खाई को पाटने के लिए हम सभी को काम करना है।

आपसी कटुता को खत्म करना है। सरकार और संगठन मिलकर प्रदेश में समरसता बढ़ाएंगे और इसे विकास के पथ पर अग्रसर करेंगे। पार्टी कार्यकर्ताओं को यही संदेश दिया गया है।
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