श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व दो दिनों मनाया जा रहा है। इस बीच कई श्रद्धालुओं ने मंगलवार को ही जन्माष्टमी का उपवास रखा तो बड़ी संख्या में आज भी लोग उपवास रख रहे हैं। वहीं मंदिरों में भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव आज ही मनाया जा रहा है।
धर्माचार्यों ने गृहस्थों के लिए 11 अगस्त को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मनाने का शुभ अवसर बताया था। कई धर्माचार्यों ने 12 अगस्त को भी शुभ अवसर बताया था। असल में 11 अगस्त सूर्योदय काल में अष्टमी तिथि विद्यमान नहीं थी। इस दिन सुबह 9 बजकर 6 मिनट से अष्टमी तिथि लगी थी। लेकिन 12 अगस्त को अष्टमी सुबह 11 बजकर 16 मिनट तक है। इसलिए उदयातिथि के अनुसार 12 अगस्त को असल मायने में जन्माष्टमी मानी जाएगी।
इस दिन सर्वार्थ सिद्धि और वृद्धि योग भी है। ऐसे अवसर पर उपवास रखने पर शुभ फल मिलेंगे। फिलहाल 12 अगस्त को अधिकांश धर्मावलंबी और साधु संत जन्माष्टमी का उपवास रखेंगे। वहीं मथुरा वृंदावन समेत दिल्ली के मंदिरों में भी भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव आज ही मनाया जा रहा है।
यहां आज भव्य श्रीकृष्ण जन्मोत्सव
छतरपुर स्थित आद्या कात्यायनी शक्तिपीठ समेत, लाजपत नगर, द्वारका, पंजाबी बाग, रोहणी के इस्कॉन मंदिरों, झंडेवालान मंदिर, तिलक नगर, लक्ष्मी नारायण बिरला मंदिर, जनकपुरी के प्रसिद्ध मंदिरों में आज ही भव्य श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का आयोजन किया गया है।
कत्यायनी मंदिर में दिनभर श्रीमद्भागवत गीता व श्री विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ और हरे राम, हरे कृष्ण का अखंड जाप होगा। मंदिर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी किशोर चावला ने बताया कि मंदिर रात 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण के जन्म तक सभी के खुला रहेगा।