राजधानी के कश्मीरी गेट इलाके में चलती बस के खुले दरवाजे से गिरकर शनिवार को 63 वर्षीय बुजुर्ग राम खिलावन की मौत हो गई थी। इस हादसे के बाद भी बस चालकों की लापरवाही का सिलसिला जारी है। रविवार को नई दिल्ली और मध्य दिल्ली में अमर उजाला की टीम द्वारा की गई पड़ताल में कई चलती बसों के दरवाजे खुले पाए गए। संबंधित विभाग भी इनके खिलाफ कार्रवाई करने के लिए गंभीर नजर नहीं आ रहे हैं।
समय शाम 5 बजे
तालकटोरा रोड पर रूट संख्या 410 (जल विहार-ख्याला क्रॉसिंग) क्लस्टर बस खुले दरवाजों के साथ दौड़ रही थी। जबकि कुछ यात्री बस के पायदान के पास भी खड़े थे। चालक बस को काफी तेज रफ्तार में दौड़ा रहा था। इस बस का नंबर डीएल 1 पी 6966 था।
समय शाम 5:30 बजे.
ऐसा ही नजारा शाम करीब साढ़े पांच बजे कनाट प्लेस इलाके से गुजर रही बस रूट संख्या 729 में देखने को मिला। डीएल 1पी डी 1176 नंबर की यह बस कश्मीरी गेट से कापसहेड़ा तक चलती है। बस का दरवाजा खुला रख चालक खुलेआम नियमों की धज्जियां उड़ा रहा था।
समय शाम 5:45 बजे
नई दिल्ली के गुरुद्वारा बंगला साहिब के नजदीक डीटीसी की बस रूट संख्या 73 के दरवाजे खुले मिले। इस दौरान बस में यात्रियों की संख्या भी अधिक थी। कुछ छात्र भी बस के पायदान पर सफर करते दिखाई दिये।
....तो डिपो से बाहर नहीं निकल सकती बस
प्रावधान है कि यदि किसी बस का दरवाजा जाम है तो उसे डिपो से बाहर निकाला नहीं जा सकता। वर्तमान में दिल्ली की सड़कों पर डीटीसी की 3700 और क्लस्टर की 1700 बसें चल रही हैं।