अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेला-2021 में इस बार परंपरागत कला और संस्कृति से जुड़े उत्पादों के साथ आधुनिकता का संगम, दर्शकों को कला की नदी डुबकियां लगाने के लिए विवश कर रहा है। मैनपुरी का तारकशी हो या स्टॉल पर आधुनिक चार्जेबल चूड़ियां लोगों का ध्यान आकृष्ट कर रही हैं। बांस से तैयार लैंप और फ्लावर पॉट सहित कई ऐसे आकर्षक उत्पाद हैं, जिनकी कम कीमत दिल्ली वासियों को अपनी तरफ खींच रहा है। कला और परंपरा के इस संगम में जिधर निगाहें जाती हैं, कुछ नया है।
मैनपुरी के शिवम ने बताया कि तारकशी के काम कई पीढ़ियों से चल रहा है। तार से लकड़ी और मेटल पर उकेरी गई आकृतियों में भगवान बुद्ध, भगत सिंह को जीवंत रूप में पेश किया गया है। इस कला की खूबी है कि देखते ही पसंद आ जाए, फिर कोई मना भी नहीं कर पाता है। झारखंड से आए झाबर लाल ने बताया कि उनकी एक समिति है, जहां लाह से चूड़ियां तैयार की जाती हैं। इस बार उन्होंने चूड़ियों में आधुनिकता का समावेश किया है, जिसे व्यापार मेले में खूब पसंद किया जा रहा है।
पहनने पर चार्जेबल चूड़ियां रोशन होती है और चिप लगाने पर यह मोबाइल चूड़ी में तब्दील हो जाती हैं। चिप लगाने पर इसमें गाने भी बजने लगते हैं। इनकी कीमत 600 और 1000 रुपये के बीच है। मोबाइल चूड़ियां की मांग इतनी थी कि अब स्टॉक में ही नहीं है। आदिवासी क्षेत्र से आई गीता वर्मा ने बताया कि उन्होंने चांदी की चूड़ियां, कान की बाली की मांग अधिक है। अलग डिजाइन और हाथों से तैयार किए गए आभूषणों की खूबसूरती लोगों को पसंद आ रही है। तीन सौ रुपये से डेढ़ हजार के बीच इन आभूषणों की बिक्री की जा रही है। इसके अलावा बांस से तैयार किए गए फ्लावर पॉट, टेबल लैंप और लाइटें भी मेले में स्टॉल की शान बढ़ा रही हैं। कुछ लोग एक की जगह दो भी खरीद रहे हैं, क्योंकि अमूमन दिल्ली में ऐसे उत्पादों की बिक्री कम जगहों पर होती है।
केंद्रीय मंत्री मुख़्तार अब्बास नक़वी ने किया हुनर हाट का दौरा
केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री मुख़्तार अब्बास नक़वी मंगलवार को अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेला-2021 में पहुंचे। उन्होंने हुनर हाट में लगे स्टॉल पर प्रदर्शित उत्पादों को देखने के बाद दस्तकारों और शिल्पकारों से इस बारे में जानकारी हासिल की। अल्पसंख्यक मंत्रालय की तरफ से व्यापार मेले में लगे हुनर हाट में देश भर से 282 स्टॉल लगाए गए हैं। इनमें प्रदर्शित उत्पाद लोगों को काफी पसंद आ रहे हैं। मीडिया से बातचीत में नक़वी ने कहा कि हुनर हाट क्राफ़्ट क्यूजीन और कल्चर का संगम है।
दस्तकारों शिल्पकारों और कारीगरों की कला को पहचान देने के साथ साथ उनकी आर्थिक और सामाजिक स्थिति को मजबूत करने के लिए भी एक बड़ा मंच है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के विजन को अमली जामा पहनाने के लिए अल्पसंख्यक मंत्रालय की तरफ से आत्मनिर्भर भारत और वोकल फिर लोकल को सफल बनाने के सभी प्रयास किए जा रहे हैं। भविष्य में देश के अलग अलग शहरों में बड़े पैमाने पर हुनर हाट का आयोजन किया जाएगा। शाम के वक्त ओपन थिएटर में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में सुदेश भोंसले की गायिकी ने दर्शकों का मनोरंजन किया।