वेतन न मिलने से नाराज निगम कर्मचारियों ने बृहस्पतिवार सुबह मुख्य संसदीय सचिव सीमा त्रिखा के आवास (सेक्टर-21) पर झाडू़ लेकर प्रदर्शन किया और नारेबाजी की। साथ ही दूसरे दिन भी हड़ताल कर कामकाज बंद रखा। दोपहर बाद निगमायुक्त के साथ हुई कर्मचारी नेताओं की बैठक और वेतन बैंकों के जरिये रिलीज किए जाने के बाद ही कर्मचारियों ने हड़ताल खत्म करने की घोषणा की।
ज्ञात हो कि दो महीने से वेतन न मिलने से नाराज निगम के कर्मचारी दो दिनों से हड़ताल पर थे। बृहस्पतिवार की सुबह सफाई कर्मचारी झाडू़ लेकर मुख्य संसदीय सचिव सीमा त्रिखा के आवास पर पहुंच गए और जमकर नारेबाजी की।
कुछ देर बाद मुख्य संसदीय सचिव ने बाहर आकर निगम कर्मचारी नेताओं से मुलाकात की और उनकी समस्याओं को सुनकर निगमायुक्त समेत चंडीगढ़ स्थित उच्चाधिकारियों से बातचीत की और तत्काल ग्रांट देने का अनुरोध किया। वहां से आश्वासन मिलने के बाद निगम कर्मचारी कार्यालय पहुंचे और प्रदर्शन किया। दोपहर डेढ़ बजे तक सभी कर्मचारी हड़ताल पर रहे।
निगमायुक्त के ऑफिस आने पर निगम कर्मचारी नेताओं ने मुलाकात कर वेतन की मांग की। इस पर निगमायुक्त ने बताया कि शाम तक सभी संबंधित कर्मचारियों के बैंक अकाउंट में वेतन भेज दिया जाएगा। इस आश्वासन के बाद निगम कर्मचारियों ने हड़ताल खत्म करने की घोषणा की। सफाई कर्मचारी यूनियन के प्रधान बलवीर बारगुहेर ने कहा कि शुक्रवार से सभी कर्मचारी युद्धस्तर पर पूरे शहर में सफाई अभियान चलाएंगे।
काम के लिए भटकते रहे लोग
कर्मियों की हड़ताल
- फोटो : अमर उजाला
काम के लिए भटकते रहे लोग
हड़ताल के कारण दूसरे दिन भी निगम कार्यालय में कोई कामकाज नहीं हुआ। सभी विभागों के कर्मचारियों ने हड़ताल में शामिल होकर जनसभा की और निगम अफसरों की कार्यप्रणाली की जमकर आलोचना की। शहरवासी अपने काम को लेकर निगम कार्यालय में भटकते रहे, लेकिन किसी का काम नहीं हुआ। कर्मचारियों के हड़ताल में शामिल होने के कारण अधिकारी भी कुछ नहीं कर पा रहे थे।
समय पर टैक्स वसूली के दिए निर्देश
प्रदर्शन के दौरान मुख्य संसदीय सचिव सीमा त्रिखा ने निगमायुक्त डॉ. आदित्य दहिया और निगम कर्मचारियों कोे बकाया टैक्स की समय पर वसूली सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बार-बार सरकार से मदद मांगने की बजाय निगम कर्मचारी टैक्स वसूली समय पर करना सुनिश्चित करें।
16 करोड़ रुपये देने हैं वेतन
निगम कर्मचारियों का कहना है कि कुछ कर्मचारियों को अप्रैल और मई महीने का वेतन बकाया है। वेतन बांटने के लिए करीब 16 करोड़ रुपये की जरूरत है। बृहस्पतिवार को स्टांप ड्यटी से करीब 10 करोड़ रुपये डीसी ने रिलीज कराए हैं। बाकी के पैसे राज्य सरकार से मिलने वाली ग्रांट से पूरी की जाएगी। निगमायुक्त डॉ. आदित्य दहिया का कहना है कि सरकार से विशेष ग्रांट के रूप में 30 करोड़ रुपये की धनराशि की मांग की गई थी। सरकार ने मंजूरी भी दे दी। एक दो दिन में ग्रांट की राशि मिल जाएगी और सभी कर्मचारियों को उनके बकाए का वेतन भुगतान कर दिया जाएगा।