तिलपत शूटिंग रेंज में बुधवार शाम वायुसेना जवानों की निशानेबाजी में लक्ष्य से चूकी गोलियों से एक युवक और दो बच्चे घायल हो गए। गर्दन में गोली धंसने से एक बच्चे की हालत नाजुक है उसे सफदरजंग अस्पताल दिल्ली रेफर किया गया है।
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तिलपत शूटिंग रेंज में बुधवार शाम वायुसेना के जवान निशानेबाजी का अभ्यास कर रहे थे। शाम करीब पौने छह बजे एके-47 राइफल से निशानेबाजी की जा रही थी। शूटिंग रेंज से भटकी गोलियां करीब ढाई किलोमीटर दूर छत पर माता पिता के साथ बैठे 12 वर्षीय अनुराग की गर्दन में जा धंसी।
उसे चोट लगने का अहसास हुआ और गर्दन से खून निकलने लगा। अनुराग का परिवार अजय नगर में रहता है। दूसरी गोली शिव एंक्लेव निवासी अभिषेक (12) की दाहिनी बांह में जा धंसी।
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वायुसेना की फायरिंग बंद कराई
फायरिंग में घायल बच्चा
- फोटो : अमर उजाला
तीसरी गोली शिव एंक्लेव निवासी सुनील भारद्वाज (40) के पैर में जा लगी। सुनील के मुताबिक वह अपने वाटर प्लांट पर काम कर रहे थे, उन्हें ऐसा लगा कि किसी बाइक के टायर से फिसल कर सड़क की गिट्टी लगी होगी।
उन्होंने हाथ लगाया तो पैर में गोली लगी थी, उन्होंने हाथ से खींच कर गोली बाहर निकाली और पुलिस को सूचना दी। फायरिंग की आवाज नहीं होने के बावजूद तीन लोगों को गोली लगने से पुलिस भी परेशान हो गई।
फायरिंग रेंज में धमाके सुनने के बाद पुलिस ने वहां घटना की सूचना भेजी, इसके बाद वायुसेना अधिकारियों ने फायरिंग बंद करवाई। बृहस्पतिवार को मामले की जानकारी लेने वायुसेना के अधिकारी राजीव चौहान, दीनबंधु दीनानाथ, राजीव चवान सहित चार पांच अधिकारी नवीन नगर चौकी पहुंचे।
जांच के बाद केस होगा दर्ज
एयर फोर्स की फायरिंग में तीन को लगी गोली
- फोटो : अमर उजाला
वायुसेना अधिकारियों ने घटना स्थल का भी निरीक्षण किया और गोली के संभावित मार्ग का खाका तैयार किया। एसएचओ सराय ख्वाजा इंस्पेक्टर अनिल कुमार ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है, जांच के बाद ही केस दर्ज किया जाएगा।
सुनील भारद्वाज के मुताबिक गोली उनके पैर में शाम 6:56 मिनट पर लगी थी। लगभग इसी समय अनुराग और अभिषेक भी शिकार हुए थे। नवीन नगर चौकी इंचार्ज के पास मौजूद बुलेट देख कर वायुसेना अधिकारियों ने एके-47 की गोलियां होना बताया।
उन्होंने चौकी इंचार्ज को बताया कि शाम को एके-47 से ही फायरिंग की जा रही थी लेकिन अंधेरा होने की वजह से शाम सात बजे इन हथियारों से गोलीबारी रोक दी गई थी। माना जा रहा है कि निशानेबाजी बंद होने से कुछ मिनट पहले ही यह गोलियां चली थीं।
पुलिस के मुताबिक एके-47 असॉल्ट राइफल की गोलियों की मारक क्षमता 400 मीटर है। गोली अधिकतम सवा किलोमीटर तक जा सकती है। शिव एंक्लेव और अजय नगर तिलपत शूटिंग रेंज से 2.5 किलोमीटर दूरी पर हैं।
इतनी दूर गोलियों का पहुंचना अधिकारियों के लिए पहेली बना हुआ है। वायुसेना अधिकारी भी पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं कि गोली किस कोण से लगी ताकि उसका संभावित मार्ग निर्धारित किया जा सके।
पुलिस के मुताबिक तिलपत शूटिंग रेंज में करीब पचास एकड़ का रेतीला गड्ढा है जिसमें लक्ष्य नीचे की ओर साधे जाते हैं। वायुसेना की ओर से भी फायरिंग करने से पहले सुरक्षा के सभी मानक और उपाय लागू किए जाते हैं, बावजूद इसके गोलियां लक्ष्य से छटक कर दूर गईं। गोलियां गड्ढे में निशाने पर लगने के बजाय आबादी वाले इलाके में कैसे पहुंचीं। अधिकारी इन सवालों का जवाब ढूंढ रहे हैं।