उन्होंने बताया कि देश में दो हिस्सों में कॉरिडोर बन रहे हैं। दोनों को नोएडा के दादरी में लिंक किया जाएगा। वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर नोएडा के दादरी से गुरुग्राम और गुजरात होते हुए मुंबई तक जाएगा। ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेंट कॉरिडोर पंजाब के लुधियाना से दादरी होते हुए कोलकाता तक जाएगा।
जून 2022 तक पूरे होंगे कॉरिडोर
डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर एमडी अनुराग सचान ने बताया कि ईस्टर्न और वेस्टर्न कॉरिडोर जून-2022 तक पूरे हो जाएंगे। फिलहाल दोनों रेल कॉरिडोर के सभी हिस्सों में एक साथ काम चल रहा है। दोनों कॉरिडोर के कुछ हिस्से पूरी तरह बनकर तैयार हो चुके है, जिनमें स्थानीय मालगाड़ियों को ट्रायल बेस पर चलाया जा रहा है। अब तक 1600 लोडेड मालगाड़ियों को इन पर चलाया जा चुका है।
आम यात्रियों को क्या लाभ होगा
कॉरिडोर बनने के बाद सभी मालगाड़ियां इसी लाइन से गुजरेंगी। अन्य लाइन पर मालगाड़ियों का लोड खत्म होने से 50 फीसदी पटरी खाली हो जाएंगी। इससे यात्री गाड़ियों की गति मौजूदा 90 किमी से बढ़ाकर 130-160 किमी प्रति घंटे तक करना आसान हो जाएगा। आने वाले समय में भारतीय रेल से वेटिंग लिस्ट का सिस्टम खत्म हो सकेगा और हर यात्री को कन्फर्म टिकट मिल सकेगा।