दिल्ली में एनएच-8 पर रजोकरी फ्लाईओवर के पास ट्रैफिक पुलिस के एसीपी संकेत कौशिक को शनिवार को टक्कर मारने वाले मिनी ट्रक और उसके चालक का दूसरे दिन भी कोई सुराग हाथ नहीं लगा।
पुलिस धौलाकुआं से गुरुग्राम तक एनएच-8 पर लगे करीब 100 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। पुलिस ने एसीपी संकेत कौशिक की साजिशन हत्या की बात से इनकार किया है।
दक्षिण-पश्चिमी जिला डीसीपी देवेंद्र आर्या ने बताया कि एसीपी संकेत कौशिक को टक्कर मारने वाले मिनी ट्रक की जानकारी जुटाई जा रही है। शुरुआती जांच में साजिश रचकर एसीपी की हत्या करने की बात सामने नहीं आई है।
उनके मुताबिक एसीपी मौके पर चेकिंग कर रहे थे। उनकी सरकारी जिप्सी आगे खड़ी थी। ड्राइवर मुन्नीलाल जिप्सी में था। तभी पीछे से तेज गति से आ रहे मिनी ट्रक ने उनको टक्कर मार दी।
जिप्सी आगे होने के कारण मुन्नीलाल वाहन का नंबर नोट नहीं कर पाए। मामले में मुन्नीलाल के बयान पर एफआईआर दर्ज की गई है। टक्कर लगने के बाद एसीपी संकेत कौशिक को एम्स ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
एसीपी संकेत कौशिक के शव का पोस्टमार्टम कराकर रविवार को परिजनों को सौंप दिया गया। सड़क दुर्घटना के समय एसीपी वर्दी में नहीं थे।
ट्रैफिक मुख्यालय में गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया
एसीपी संकेत कौशिक के शव को टोडापुर स्थित ट्रैफिक पुलिस के मुख्यालय ले जाया गया और वहां उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। ट्रैफिक पुलिस व दिल्ली पुलिस के अन्य जवानों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी।
संकेत कौशिक बतौर सब-इंस्पेक्टर दिल्ली पुलिस में वर्ष 1989 में भर्ती हुए थे। वह दिल्ली पुलिस की कई यूनिटों में तैनात रहे। वर्ष 2006 में इंस्पेक्टर और मई 2017 में वह एसीपी बने थे। जून, 2019 में वह ट्रैफिक पुलिस के दक्षिण जिले के एसीपी थे।