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दिल्ली: एसीपी को टक्कर मारने वाले मिनी ट्रक का नहीं मिला सुराग, साजिश के तहत हत्या से पुलिस का इनकार

Mon, 27 Jul 2020 10:17 AM IST
प्राची प्रियम अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
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परिजनों को सौंपा गया शव - फोटो : अमर उजाला
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दिल्ली में एनएच-8 पर रजोकरी फ्लाईओवर के पास ट्रैफिक पुलिस के एसीपी संकेत कौशिक को शनिवार को टक्कर मारने वाले मिनी ट्रक और उसके चालक का दूसरे दिन भी कोई सुराग हाथ नहीं लगा। 

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पुलिस धौलाकुआं से गुरुग्राम तक एनएच-8 पर लगे करीब 100 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। पुलिस ने एसीपी संकेत कौशिक की साजिशन हत्या की बात से इनकार किया है।

दक्षिण-पश्चिमी जिला डीसीपी देवेंद्र आर्या ने बताया कि एसीपी संकेत कौशिक को टक्कर मारने वाले मिनी ट्रक की जानकारी जुटाई जा रही है। शुरुआती जांच में साजिश रचकर एसीपी की हत्या करने की बात सामने नहीं आई है। 
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उनके मुताबिक एसीपी मौके पर चेकिंग कर रहे थे। उनकी सरकारी जिप्सी आगे खड़ी थी। ड्राइवर मुन्नीलाल जिप्सी में था। तभी पीछे से तेज गति से आ रहे मिनी ट्रक ने उनको टक्कर मार दी। 

जिप्सी आगे होने के कारण मुन्नीलाल वाहन का नंबर नोट नहीं कर पाए। मामले में मुन्नीलाल के बयान पर एफआईआर दर्ज की गई है। टक्कर लगने के बाद एसीपी संकेत कौशिक को एम्स ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।  

एसीपी संकेत कौशिक के शव का पोस्टमार्टम कराकर रविवार को परिजनों को सौंप दिया गया। सड़क दुर्घटना के समय एसीपी वर्दी में नहीं थे। 

ट्रैफिक मुख्यालय में गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया
एसीपी संकेत कौशिक के शव को टोडापुर स्थित ट्रैफिक पुलिस के मुख्यालय ले जाया गया और वहां उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। ट्रैफिक पुलिस व दिल्ली पुलिस के अन्य जवानों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। 

संकेत कौशिक बतौर सब-इंस्पेक्टर दिल्ली पुलिस में वर्ष 1989 में भर्ती हुए थे। वह दिल्ली पुलिस की कई यूनिटों में तैनात रहे। वर्ष 2006 में इंस्पेक्टर और मई 2017 में वह एसीपी बने थे। जून, 2019 में वह ट्रैफिक पुलिस के दक्षिण जिले के एसीपी थे। 
 

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पड़ोसियों से हमेशा पूछते थे हालचाल 

एसीपी संकेत कौशिक के पड़ोसियों का कहना है कि वह अक्सर हालचाल पूछते थे। उनके परिवार में दो बेटी, एक बेटा पार्थ कौशिक व पत्नी प्रभा कौशिक है। बड़ी बेटी की शादी हो चुकी है और वह विदेश में रहती है। 

नो इंट्री नहीं खुली तो भारी वाहन कैसे आया
सड़क दुर्घटना के समय एसीपी संकेत कौशिक सर्विस रोड पर घूम रहे थे। भारी वाहनों की एंट्री सुबह 5:30 बजे से 11 बजे तक और शाम 5:30 बजे से रात 11 बजे तक बंद रहती है। जब नो इंट्री खुली नहीं तो मिनी ट्रक दिल्ली में कैसे प्रवेश कर गया। दक्षिण-पश्चिमी जिला पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है। 

वर्ष 1990 में डीसीपी की मौत हुई थी
दिल्ली पुलिस के सीनियर पुलिस अधिकारी की सड़क दुर्घटना में मौत होने का ये दूसरा मामला मामला है। इससे पहले 1990 के आसपास डीसीपी एके सेठ की सड़क दुर्घटना में मौत हुई थी। 

वह डीसीपी हेडक्वार्टर थे। उनकी गाड़ी धौलाकुआं पर खड़े ट्रक से पीछे से टकरा गई थी और उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी। 
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