परिवहन विभाग के अफसर वाहन स्वामियों को परेशान कर रहे हैं। रोडवेज के अलावा निजी वाहनों को भी चुनाव संपन्न हो जाने के बावजूद वापस नहीं किया जा रहा है।
अब इनको मुरादाबाद सहित आदि अन्य जिलों में भेज दिया गया है, जहां आगामी चरण में मतदान होना है। इससे जिले के कई रूटों पर अभी परेशानी झेलनी होगी। वाहन स्वामियों का आरोप है कि वाहन वापस करने के नाम पर संबंधित अधिकारी उनसे वसूली कर रहे हैं।
परिवहन विभाग ने लोकसभा चुनावों के लिए वाहनों का अधिग्रहण किया था। इसमें रोडवेज व निजी बसें और निजी हल्के वाहनों को शामिल किया गया था।
चुनाव संपन्न हो जाने के बाद नियमानुसार इन वाहनों को वापस किया जाना था, जिससे जिले के लोगों को परेशानी नहीं होगी।
इसके बावजूद परिवहन अफसरों ने वाहनों को दूसरे जिलों में होने वाले मतदान के लिए भेजना शुरू कर दिया है। ज्यादातर वाहनों को मुरादाबाद भेजा गया है। इनमें फोर्स आदि भेजी जा रही है।
इससे जिले के मेरठ, बुलंदशहर, मुरादाबाद, अलीगढ़, मुजफ्फरनगर और सहारनपुर, गुलावठी आदि रूट पर परेशानी झेलनी होगी। रोडवेज बसों के जाने से लांग रूट पर भी सफर प्रभावित होगा। वहीं, वाहनों को वापस करने के एवज में भी वसूली किए जाने के मामले सामने आए हैं।
कर्ज की किश्त में बैंक दे सकते हैं कुछ समय की छूट
बैंक लोन पर लिए वाहनों के स्वामियों को इस बार किश्त भुगतान करने में भी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। ज्यादातर टाइम वाहन चुनाव ड्यूटी में रहे हैं। इसको देखते हुए बैंकों ने किश्त टाइम में छूट देने का प्रावधान करने का निर्णय लिया है।