हाईकोर्ट के आदेश के बाद सरकारी आवासों पर सेवानिवृत्त अधिकारियों और नेताओं के कब्जे का पता लगाने के लिए शुरू किए गए डोर टू डोर सर्वे की रिपोर्ट सोमवार को पीडब्ल्यूडी मिल जाएगी।
पीडब्ल्यूडी इस रिपोर्ट को मंत्रालय भेजेगा। लोक निर्माण विभाग ने हाईकोर्ट के उस आदेश के आधार पर सर्वे शुरू करवाया था, जिसमें सरकारी आवास में सेवानिवृत्त अधिकारियों और नेताओं के अवैध कब्जे को दो सप्ताह में खाली करवाने का आदेश दिया गया था।
हाईकोर्ट ने एक याचिका के आधार पर 550 जगहों पर अवैध कब्जे की जांच करवाने के संबंध में और लोगों को अवैध रूप से रहने की अनुमति देने के संबंध में आवास मंत्रालय को नोटिस जारी कर 5 फरवरी तक जवाब मांगा था।
इस कार्रवाई के तहत पीडब्ल्यूडी ने अपनी सभी आवास इकाईयों के संबंधित कार्यकारी, सहायक और जूनियर इंजीनियरों को सर्वे करने के निर्देश दिए थे। इन निर्देशों के तहत अधिकारियों ने पीडब्ल्यूडी के तहत आने वाले सभी आवासों की व्यक्तिगत रूप से जाकर पड़ताल की।
इस दौरान जितने लोग अवैध रूप से रहते हुए पाए गए, उन्हें नोटिस जारी करके आवास को खाली करवाने के लिए कहा गया। इसके साथ ही हाईकोर्ट के आदेश के आधार पर अवैध रूप से कब्जा करके रह रहे सेवानिवृत्त अधिकारियों और नेताओं से रहने के एवज में आवास किराया भी वसूला जा सकता है।
इस सर्वे के दौरान सभी आवासों में रहे लोगों के पद, विभाग, सेवानिवृत्ति की तिथि और अवैध रूप से रहने के समय की रिपोर्ट तैयार की गई है। विभाग ने अधिकारियों से 24 फरवरी तक रिपोर्ट मांगी थी।