भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) दिल्ली ने एमटेक, पीएचडी और एमएससी प्रोग्राम में ट्यूशन फीस के फैसले को वापस ले लिया है। छात्रों के विरोध के चलते ट्यूशन फीस बढ़ोतरी के प्रस्ताव में बदलाव किया गया है। पहले ट्यूशन फीस में 150 फीसदी की बढ़ोतरी की गई थी, लेकिन आईआईटी प्रबंधन ने इस ट्यूशन और हॉस्टल फीस की बढ़ोतरी के फैसले में फेरबदल किया है। पहले एमटेक के छात्रों को प्रति सेमेस्टर (टयूशन, हॉस्टल समेत अन्य भत्तों सहित) 66 हजार रुपये देने थे, जोकि अब 53 हजार रुपये कर दिया गया है।
आईआईटी से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, एमटेक की ट्यूशन फीस वर्ष 2017 में पांच हजार रुपये प्रति सेमेस्टर थी। इसे 2018 में बढ़ोतरी करते हुए 10 हजार रुपये किया गया था। इसके बाद 2019 में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई। जबकि 2020 और 2021 में कोविड के कारण फीस में किसी प्रकार की कोई बढ़ोतरी नहीं की गई। अब 2022 में दूसरे सेमेस्टर से फीस बढ़ोतरी का फैसला लिया गया है। आईआईटी की फीस कमेटी की सिफारिशों के आधार पर ट्यूशन फीस और हॉस्टल फीस समेत अन्य भत्तों में बढ़ोतरी की जा रही थी, लेकिन छात्रों की मांग को देखते हुए फीस बढ़ोतरी के पहले वाले प्रस्ताव को रोलबैक करते हुए नए प्रस्ताव के तहत फीस तय की गई थी।