एशिया की सबसे बड़ी फल-सब्जी मंडी आजादपुर के चेयरमैन आदिल अहमद खान ने अमर उजाला को बताया कि सोमवार को मंडी में हरियाणा से सामानों के आवक पर कोई असर नहीं पड़ा है।
अगर राज्य सरकार इस पर कोई प्रतिबंध लगाती है, तो इसका असर आने वाले दिनों में पड़ सकता है। हालाकिं, चूंकि हरियाणा से कुछ ही सामान आता है, इसलिए केवल हरियाणा के सामानों पर रोक लगने से दिल्ली की आपूर्ति पर कोई बाधा नहीं आएगी।
केशोपुर सब्जी मंडी के अध्यक्ष राधेश्याम शर्मा ने कहा कि उनकी मंडी में भी सोमवार को सब्जियों की आवक पर कोई असर नहीं पड़ा है। लगभग एक हजार टन सब्जी रोज हरियाणा से आती है।
लेकिन अभी तक आवक पर कोई असर नहीं पड़ा है। अगर हरियाणा अपने यहां से दूसरे राज्यों के ट्रकों के आने-जाने पर प्रतिबंध लगाता है तो इससे असर पड़ सकता है।
वहीं, ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के अध्यक्ष हरीश सब्बरवाल ने बताया कि अगर हरियाणा अपने यहां से ट्रकों के आवागमन पर प्रतिबंध लगाता है, तो देश के अलग-अलग हिस्सों से आने वाले लगभग 80 फीसदी ट्रक ईस्टर्न-वेस्टर्न पेरिफेरल के जरिए दिल्ली तक पहुंच सकते हैं।
लेकिन इसके लिए ट्रकों को लगभग 150 किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ेगी, जो समय और खर्च बढ़ाएगी। इसका असर ट्रकों पर पड़ेगा।
लेकिन जहां तक सामान की आपूर्ति की बात है, इससे हरियाणा और कुछ अन्य हिस्सों से आने वाली सब्जियों के दिल्ली तक पहुंचने में बाधा आ सकती है, जिसकी दूसरे क्षेत्रों से आने वाले सामानों से आपूर्ति की जा सकती है।
वहीं, दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा है कि कोरोना के संक्रमण की आपात स्थिति में किसी को इस तरह की बात नहीं करनी चाहिए। अगर हरियाणा अपने यहां से आने-जाने वाली सब्जियों पर रोक लगाता है, तो दिल्ली में भी अनेक चीजें ऐसी हैं, जो हरियाणा की जरूरतें पूरी करती हैं।