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हरियाणा ने ट्रकों के आने-जाने पर लगाई रोक तो क्या होगा दिल्ली का हाल? मंत्री के बयान के बाद मचा बवाल

Tue, 28 Apr 2020 07:41 PM IST
Harendra Chaudhary अमित शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • हरियाणा से दिल्ली की आजादपुर, केशोपुर और गाजीपुर सब्जी मंडी में सब्जियों की सप्लाई होती है
  • हरियाणा बॉर्डर को पार करने के बाद ही हिमाचल का टमाटर पहुंचता है दिल्ली
  • ट्रक ऑपरेटर्स ने हरियाणा के लिए अपनी बुकिंग भी बंद की
  • दिल्ली के मंत्री बोले, कोरोना को देखते हुए नहीं करनी चाहिए ऐसी बातें
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Sabji Mandi - फोटो : Amar Ujala (File)
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विस्तार
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हरियाणा सरकार में मंत्री अनिल विज ने सोमवार को यह बयान देकर सबको हैरान कर दिया कि दिल्ली में काम करने वालों को वहीं रुकना चाहिए और शाम को उन्हें वापस हरियाणा नहीं आना चाहिए। उन्होंने हरियाणा से दिल्ली आने वाली सब्जियों पर रोक लगाने की बात भी कही है।
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मंत्री के इस बयान के बाद ट्रांसपोर्टरों में खलबली मच गई है। उनका कहना है कि देश के ज्यादातर हिस्सों से आने वाला सामान हरियाणा में प्रवेश के बाद ही दिल्ली में प्रवेश करता है। अगर हरियाणा अपने यहां से आने-जाने पर प्रतिबंध लगाता है, तो इससे उनके सामने बड़ी समस्या खड़ी हो जाएगी।



हरियाणा से दिल्ली की आजादपुर, केशोपुर और गाजीपुर सब्जी मंडी में आलू, गोभी, तोरी, लौकी और अन्य कई सब्जियों की सप्लाई होती है। हरियाणा बॉर्डर को पार करने के बाद ही हिमाचल से चलने वाला टमाटर दिल्ली तक पहुंच पाता है।
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इसके अलावा नासिक से आने वाला प्याज और जम्मू-कश्मीर से आने वाले फल भी हरियाणा को पार करने के बाद ही दिल्ली तक पहुंचते हैं। इसलिए अगर हरियाणा अपने यहां से ट्रकों के आवागमन पर प्रतिबंध लगाता है, तो ट्रक चालकों के सामने बड़ी समस्या उत्पन्न हो जाएगी।

इसी बीच खबर है कि ट्रक ऑपरेटर्स ने हरियाणा के लिए अपनी बुकिंग भी बंद कर दी है।

दिल्ली गुड्स ट्रांसपोर्ट ऑर्गेनाइजेशन के अध्यक्ष राजेंद्र कपूर ने अमर उजाला से कहा कि हरियाणा के मंत्री का यह बयान बेहद गैर जिम्मेदाराना है। केंद्र सरकार ने आवश्यक सेवाओं की आपूर्ति के लिए फल-सब्जियों के आवागमन के लिए ट्रकों के आने-जाने की अनुमति दे रखी है।

इसके बाद भी हरियाणा के मंत्री का इस तरह फल-सब्जी को रोकने की बात कहना बेहद गलत है। इससे लगभग दस हजार ट्रकों की आवाजाही पर गलत असर पड़ सकता है। केंद्र सरकार को चाहिए कि वह आवश्यक सेवाओं की आपूर्ति की पूरी जिम्मेदारी अपने ऊपर ले और इस तरह के गतिरोध को दूर करे।

आजादपुर मंडी पर कोई असर नहीं

एशिया की सबसे बड़ी फल-सब्जी मंडी आजादपुर के चेयरमैन आदिल अहमद खान ने अमर उजाला को बताया कि सोमवार को मंडी में हरियाणा से सामानों के आवक पर कोई असर नहीं पड़ा है।

अगर राज्य सरकार इस पर कोई प्रतिबंध लगाती है, तो इसका असर आने वाले दिनों में पड़ सकता है। हालाकिं, चूंकि हरियाणा से कुछ ही सामान आता है, इसलिए केवल हरियाणा के सामानों पर रोक लगने से दिल्ली की आपूर्ति पर कोई बाधा नहीं आएगी।

केशोपुर मंडी में भी असर नहीं

केशोपुर सब्जी मंडी के अध्यक्ष राधेश्याम शर्मा ने कहा कि उनकी मंडी में भी सोमवार को सब्जियों की आवक पर कोई असर नहीं पड़ा है। लगभग एक हजार टन सब्जी रोज हरियाणा से आती है।

लेकिन अभी तक आवक पर कोई असर नहीं पड़ा है। अगर हरियाणा अपने यहां से दूसरे राज्यों के ट्रकों के आने-जाने पर प्रतिबंध लगाता है तो इससे असर पड़ सकता है।

ईस्टर्न और वेस्टर्न पेरिफेरल बन सकता है विकल्प

वहीं, ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के अध्यक्ष हरीश सब्बरवाल ने बताया कि अगर हरियाणा अपने यहां से ट्रकों के आवागमन पर प्रतिबंध लगाता है, तो देश के अलग-अलग हिस्सों से आने वाले लगभग 80 फीसदी ट्रक ईस्टर्न-वेस्टर्न पेरिफेरल के जरिए दिल्ली तक पहुंच सकते हैं।

लेकिन इसके लिए ट्रकों को लगभग 150 किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ेगी, जो समय और खर्च बढ़ाएगी। इसका असर ट्रकों पर पड़ेगा। 

लेकिन जहां तक सामान की आपूर्ति की बात है, इससे हरियाणा और कुछ अन्य हिस्सों से आने वाली सब्जियों के दिल्ली तक पहुंचने में बाधा आ सकती है, जिसकी दूसरे क्षेत्रों से आने वाले सामानों से आपूर्ति की जा सकती है।

हरियाणा को भी होगी मुश्किल

वहीं, दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा है कि कोरोना के संक्रमण की आपात स्थिति में किसी को इस तरह की बात नहीं करनी चाहिए। अगर हरियाणा अपने यहां से आने-जाने वाली सब्जियों पर रोक लगाता है, तो दिल्ली में भी अनेक चीजें ऐसी हैं, जो हरियाणा की जरूरतें पूरी करती हैं।

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उन्होंने कहा कि इस परेशानी के समय सबको साथ खड़े होकर इस लड़ाई को लड़ना और जीतना चाहिए।

 

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