यूपी बोर्ड की उत्तर पुस्तिकाओं की जांच में जरा सी लापरवाही गुरु जी पर भारी पड़ सकती है। कापी जांचने में लापरवाही सामने आई तो गुरु जी को पचास हजार तक का जुर्माना भरना पड़ सकता है। उत्तर पुस्तिकाओं में गुरु जी किसी भी छात्र को अपनी मर्जी से सही गलत नंबर नहीं दे सकते हैं।
मूल्यांकन प्रक्रिया के लिए जारी जीओ (शासनादेश) में परीक्षकों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि यदि कोई छात्र अपने कम नंबरों को लेकर स्क्रूटनी करवाता है अथवा मामला कोर्ट तक जाता है, तो परीक्षक की लापरवाही साबित होने पर उन्हें बीस से पचास हजार तक का जुर्माना भरना पड़ेगा।
परीक्षकों को स्पष्ट निर्देश हैं कि वे उत्तर पुस्तिका के प्रत्येक पेज को अच्छी तरह जांच लें। छात्र द्वारा प्रश्नपत्र हल करने के बाद यदि पेज खाली छोड़े जाते हैं तो परीक्षकों को ऐसे प्रत्येक पेज पर क्रास का निशान लगाना होगा।
प्रत्येक पेज पर मार्किंग के बाद सबसे अंत में गुरु जी को अपने हस्ताक्षर करना अनिवार्य कर दिया गया है।