यूपीएससी में टाप फाइव में अब दिल्ली से तीसरा नाम भी जुड़ गया है। टाप फाइव में चौथा स्थान बनाने वाली वंदना राव दिल्ली के नजफगढ़ की रहने वाली है। उनके पिता दिल्ली पुलिस में एसआई हैं।
वह फिलहाल डीसीपी मुख्यालय के एसओ हैं। वंदना राव के पिता हरिराम बेटी के इस परिणाम से बेहद खुश हैं। दिल्ली पुुलिस तैनात हरिराम को अब बेटी की इस परिणाम के लिए सभी से बधाइयां मिल रही हैं।
परिणाम सुनने के बाद वंदना ने रिजल्ट बताने वाले को मैंने दो बार फोन किया और कहा प्लीज ठीक से चेक करो कि मैं सलेक्ट हुई हूं या नहीं। लेकिन यह सही था। यह कठिन मेहनत का नतीजा है।
2012 में ग्रेजुएशन करने वाली वंदना का सपना आईएएस बनने का था क्योंकि इसके माध्यम से वह देश और लोगों की बेहतर सेवा कर सकती हैं। उन्हें अपने तीसरे प्रयास में सफलता मिली है।
असिस्टेंट लेबर कमिश्नर ने भी जीती जंग
आईआईटी कानपुर के छात्र मनीष कुमार मीणा को 731 वीं रैंक मिली है। मनीष मूलरूप से राजस्थान के हैं और आईआईटी कानपुर से एमटेक की डिग्री हासिल की है।
मनीष के मुताबिक, उन्होंने बेशक इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है, लेकिन सपना आईपीएस बनने का ही था। इसी के चलते उन्होंने जामिया में दाखिला लिया।
वे कहते हैं कि किताबी ज्ञान के कठिन परिश्रम के साथ-साथ दुनिया की हर खबर की जानकारी होना भी जरूरी है। वे पुलिस अधिकारी के अलावा इनोवेटिव प्रोजेक्ट पर भी काम करते रहेंगे, ताकि पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था को सुधारने में सहायता मिल सके।
इमरान रजा का सपना हुआ पूरा
पूर्वी दिल्ली के ओल्ड गोविंदपुरी निवासी इमरान रजा इन दिनों उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में असिस्टेंट लेबर कमिश्नर (श्रम मंत्रालय) पद पर तैनात हैं। इमरान के मुताबिक, कई प्रतियोगिता परीक्षाओं में बैठा, लेकिन आंखों में बस आईएएस बनने का सपना बसा था।
उन्होंने 165वीं रैंक हासिल की है। काफी प्रयासों के बाद आईएएस का सपना पूरा हुआ है, जिसका श्रेय वे अपने परिवार व शिक्षकों के मार्गदर्शन को देते हैं।
वे कहते हैं कि जामिया में कोचिंग के दौरान उन्हें परीक्षा की सफलता में बेहद मदद मिली है। इससे पहले इमरान ने बीए ऑनर्स इन सोशल वर्क में डीयू से डिग्री ले रखी है।