केंद्र सरकार ने शनिवार को वरिष्ठ आईएएस अधिकारी धर्मेंद्र को दिल्ली सरकार का नया मुख्य सचिव नियुक्त किया है। एजीएमयूटी कैडर के 1989 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी धर्मेंद्र दिल्ली स्थानांतरित होने से पहले अरुणाचल प्रदेश के मुख्य सचिव थे। वह अरुणाचल प्रदेश-गोवा-मिजोरम और केंद्र शासित प्रदेश (एजीएमयूटी) कैडर के वरिष्ठतम अधिकारियों में से एक हैं। इनका यह जिम्मा उस वक्त दिया जा रहा है, जब दिल्ली विधानसभा चुनाव के मुहाने पर खड़ी है।
केंद्रीय गृह मंत्रालय के आदेश के अनुसार, सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी से आईएएस धर्मेंद्र को अरुणाचल प्रदेश से दिल्ली स्थानांतरित किया गया है। उन्हें एक सितंबर या कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से दिल्ली का मुख्य सचिव नियुक्त किया जाता है।
1987 बैच के मौजूदा मुख्य सचिव आईएएस नरेश कुमार का कार्यकाल 31 अगस्त शनिवार को समाप्त हो गया। केंद्र सरकार ने इससे पहले भी उनको दो बार सेवा विस्तार दिया था।आगामी दिनों में विधानसभा चुनाव होने के चलते ऐसी अटकलें लगाई जा रही थीं कि कुमार को एक फिर से सेवा विस्तार मिल सकता है। दो साल पहले जब कुमार को मुख्य सचिव बनाया गया था तब धमेंद्र भी मुख्य सचिव की रेस में शामिल थे। लेकिन उन्हें अरुणाचल प्रदेश का मुख्य सचिव बनाया गया था। जबकि नरेश कुमार को दिल्ली की जिम्मेदारी मिली थी।
सरकार और एलजी कार्यालय के बीच संतुलना बनाना होगी चुनौती
दिल्ली सरकार इससे पहले के मुख्य सचिव नरेश कुमार पर कई मुद्दों पर हमलावर रही है। यहां तक की आप सरकार ने कुमार पर भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाए थे। दिल्ली के नौकरशाहों का कहना है कि धमेंद्र को दिल्ली सरकार और एलजी कार्यालय के बीच संतुलन बनाकर काम करने की आवश्यकता होगी। दिल्ली सरकार में अपने पिछले कार्यकाल के दौरान धर्मेंद्र ने राजस्व, सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण और उद्योग विभागों में सचिव सहित विभिन्न पदों पर कार्य किया है।
अप्रैल 2022 में अरुणाचल प्रदेश में स्थानांतरित होने से पहले वह नई दिल्ली नगर परिषद के अध्यक्ष थे। उन्होंने आवास और शहरी मामलों और उपभोक्ता मामलों के मंत्रालयों में भी काम किया है वह दादर और नगर हवेली/दमन और दीव में भी वरिष्ठ पदों पर काम कर चुके हैं।