पुरुष प्रधान समाज में अब महिलाएं भी शर्म की दहलीज पार कर अपनी बात प्रमुखता से रख रही हैं। परिवार परामर्श केंद्र में जब तलाक मांगने वाली महिलाओं ने आप बीती सुनाई तो सभी के कान खड़े हो गए।
यहां किसी ने पति को शारीरिक रूप से अक्षम बताया तो किसी ने ब्लू फिल्म दिखाकर शारीरिक संबंध बनाने का आरोप लगाया।
काउंसलरों ने बताया कि लोनी की एक महिला ने शादी के एक साल बाद पति पर शारीरिक अक्षम होने का आरोप लगाकर तलाक मांगा है।
उसका कहना है कि वह अनफिट शौहर के साथ जिंदगी नहीं गुजार सकती। वहीं, विजयनगर की महिला ने पति पर ब्लू फिल्म देखकर शारीरिक शोषण करने का आरोप लगाते हुए तलाक मांगा है।
परिवार परामर्श केंद्र की काउंसलिंग में वे पति पर खुलकर आरोप लगा रही हैं और तर्क भी देती हैं कि उन्हें क्यों तलाक चाहिए। काउंसलर ने बताया कि जनपद में ऐसी अनेक महिलाएं हैं जो शारीरिक रूप से अक्षम या प्रताड़ना वाले शारीरिक संबंध बनाने वाले पतियों से तलाक ले चुकी हैं।
काउंसलरों ने बताया कि महिलाएं समाज का मनोवैज्ञानिक दबाव होने के चलते दहेज उत्पीड़न कहकर तलाक मांगती हैं, लेकिन जब परिवार परामर्श केंद्र के काउंसलर उनसे सारे मुद्दों पर चर्चा करते हैं तो महिलाएं तलाक की वजहों में पर्सनल बातें बताने से भी गुरेज नहीं कर रहीं। महिला थानेदार भी इस तरह के मामलों की पुष्टि करती हैं।
महिलाओं का फूटने लगा गुबार : मनोचिकित्सक
मनोचिकित्सक डा. आर.चंद्रा का कहना है कि सेक्स संबंधों को लेकर मियां-बीवी के बीच खटास भरे संबंध पहले भी होते थे।
पहले महिलाएं शिक्षा का अभाव या आत्मनिर्भरता न होने के चलते सहन कर लेती थीं, अंतर सिर्फ इतना है कि अब गुबार फूटने लगा है।