1 जुलाई से चाइल्ड पीजीआई में आने वाले मरीजों की हिस्ट्री कंप्यूटर पर एक क्लिक पर मिल जाएगी। मरीजों को अपना रजिस्ट्रेशन कार्ड दिखाना होगा। इस कार्ड का रजिस्ट्रेशन नंबर कंप्यूटर पर डालते ही डॉक्टर के सामने मरीज की बीमारी और उसको दी जाने वाली दवाइयों की जानकारी आ जाएगी। ये रजिस्ट्रेशन कार्ड 250 रुपये का बनेगा। एक साल तक ये कार्ड मान्य होगा।
पीजीआई के निदेशक डॉ एके भट्ट ने बताया कि नए सिस्टम के तहत सभी डॉक्टर के रूम में कंप्यूटर लगेगा। उसमें अस्पताल में आने वाले हर मरीज की हिस्ट्री होगी। अगर मरीज डॉक्टर बदलता है तो दूसरा डॉक्टर मरीज के रजिस्ट्रेशन कार्ड का नंबर कंप्यूटर पर डालक र केस की पूरी हिस्ट्री जान पाएगा।
अब तक अस्पताल के पास ओपीडी में आने वाले मरीजों की हिस्ट्री नहीं होती है। इस सिस्टम के तहत ओपीडी की रजिस्ट्रेशन फीस 250 रुपये होगी। इस दौरान ही मरीज को एक कार्ड मिलेगा, जो एक साल तक मान्य होगा। एक साल पूरा होने पर 100 रुपये देकर कार्ड को दोबारा से रिन्युअल कराया जा सकता है।
इसके अलावा अन्य जांच के चार्ज भी संजय गांधी पीजीआई की तर्ज पर निर्धारित कर दिए गए हैं। 1 जुलाई से रजिस्ट्रेशन फीस में बदलाव की जानकारी रजिस्ट्रेशन काउंटर पर लगे स्क्रीन और जगह-जगह नोटिस चस्पा कर दी गई है।
नई रेट लिस्ट
-भर्ती चार्ज - 100 रुपये
-रजिस्ट्रेशन कार्ड फीस - 250 रुपये
-कार्ड रिन्युअल फीस - 100 रुपये
-डुप्लीकेट रजिस्ट्रेशन कार्ड - 50 रुपये
-मरीज को छोड़ने और ले जाने की गाड़ी 7 रुपये प्रति किलोमीटर के हिसाब से चार्ज लेगी।
-उपकरण वाली एसी एंबुलेंस 10 रुपये प्रति किलोमीटर के हिसाब से चार्ज करेगी।
-बेड चार्ज - 200 रुपये, अलग-अलग बेड पर चार्ज में बदलाव होगा।
-एक्सरे -70 रुपये से शुरू है। शरीर के अलग-अलग हिस्सों के अनुसार रेट बदल जाएगा।
-अल्ट्रासाउंड 300 रुपये से शुरू है।