हड्डियों में कैल्शियम की कमी से परेशान महज 23 किलो की 65 साल की महिला का निजी अस्पताल में सफल कूल्हा प्रत्यारोपित हुआ। डॉक्टर इसे दुर्लभ सर्जरी बता रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि मरीज का कम वजन, छह माह से बिस्तर पर रहना और दिल व फेफड़ों की खराब स्थिति के कारण सर्जरी करना काफी मुश्किल था।
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आर्थोपेडिक विभाग डॉ. अश्विनी मायचंद ने बताया कि मरीज एवस्कुलर नेक्रोसिस (एवीएन) रोग से पीड़ित थी। इनका दोनों कूल्हा बदलकर कृत्रिम कूल्हा प्रत्यारोपित किया गया है। मरीज का शरीर व हड्डियां कमजोर थी।
सर्जरी के दौरान 20 मिली लीटर रक्तस्राव होने पर मौत भी हो सकती थी। ऐसे में सात सेंटीमीटर का छोटा चीरा लगाकर दोनों कूल्हा बदले गए। छह माह बाद अब वह चल पाने में सक्षम हैं। उन्होंने कहा कि इस रोग में हड्डियों में कैल्शियम की कमी हो जाती है। इस वजह से कूल्हे खराब हो जाते हैं। इसका बड़ा कारण स्टेरायड है।