उच्च न्यायालय ने फरवरी 2020 में दंगों के दौरान जाफराबाद इलाके में एक पुलिसकर्मी पर बंदूक तानने के आरोपी शाहरुख पठान की जमानत याचिका पर पुलिस से जवाब मांगा है। न्यायमूर्ति ज्योति सिंह ने पुलिस को 16 अप्रैल तक जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। साथ ही अदालत ने पठान के खिलाफ मामले में अभियोजन कार्यवाही की स्थिति रिपोर्ट भी मांगी है।
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आरोपी ने तर्क रखा है कि मुकदमे में देरी हो रही है और 90 गवाहों में से केवल दो से पूछताछ की गई है। वह चार साल से हिरासत में है। 14 दिसंबर 2023 को कड़कड़डूमा कोर्ट ने हिरासत में और गिरफ्तारी से पहले शाहरुख पठान के आचरण पर विचार करने के बाद उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी। शाहरुख पठान की ओर से पेश वकील खालिद अख्तर ने तर्क दिया कि आरोपी मुकदमे में देरी के आधार पर जमानत मांग रहा है।
दिसंबर 2023 में ट्रायल कोर्ट के समक्ष यह प्रस्तुत किया गया कि आरोपी पिछले तीन साल और नौ महीने से हिरासत में है। अब तक अभियोजन पक्ष के केवल दो गवाहों से पूछताछ की गई है। एक आरोपपत्र और तीन पूरक आरोपपत्र दाखिल किए गए हैं। अभियोजन पक्ष के 90 गवाह हैं और उनमें से केवल दो की पूरी जांच की गई है। कुछ समय तक मामले की रोजाना सुनवाई हुई।