मंगलवार को हीरो मोटोकॉर्प के गुड़गांव प्लांट में विवाद भड़क गया। श्रमिक यूनियनों ने कंपनी प्रबंधन पर ठेके के तकरीबन 700 कर्मियों को निकालने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि सुबह 3:00 बजे ही कंपनी ने इन श्रमिकों को बाहर निकाल दिया।
इसका कारण भी उन्हें नहीं बताया गया। इस मुद्दे को और एचएमएस के आह्वान पर भी कंपनी में काम बंद कर दिया गया। वहीं कंपनी प्रबंधन ने इस बात से इनकार किया है।
हीरो मोटोकॉर्प यूनियन के महासचिव जी. गणेशन ने बताया कि सुबह तीन बजे ठेके के कर्मचारियों को कंपनी ने जबरन कंपनी से बाहर निकाल दिया। इस समय तकरीबन 500 पुलिसकर्मी भी मौजूद रहे।
कई दिनों से कंपनी कर रही थी परेशान
इन सभी पर उन्होंने श्रमिकों को धमकाने और मारपीट करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रबंधन ऐसा क्यों कर रहा है इसका भी कारण उन्हें नहीं बताया गया। सभी श्रमिक सड़क पर उतर प्रबंधन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन भी किया।
हीरो मोटोकॉर्प यूनियन के लोगों का आरोप है कि प्रबंधन पिछले काफी समय से श्रमिकों को परेशान कर रही है। गत वर्ष छह सितंबर को कंपनी प्रबंधन ने शर्तों के अनुसार 1800 रुपये की वेतन बढ़ोत्तरी नहीं की थी।
यूनियन नेताओं को भी किया बर्खास्त
इस मामले को लेकर जब यूनियन प्रबंधन के पास गई तो चार बड़े यूनियन के नेताओं को प्रबंधन ने बर्खास्त कर दिया। बर्खास्त होने वालों में यूनियन के तत्कालीन प्रधान कमलप्रीत, महासचिव भीमराव, कोषाध्यक्ष दपन और यूनियन कोर कमेटी के सदस्य राजबीर के नाम शामिल हैं। अब कंपनी ने ठेके के कर्मियों को निकाल दिया।
प्रबंधन का पक्ष
ठेके के कर्मियों को निकालने और कंपनी में काम ठप होने के बारे में जब हीरो मोटाकॉर्प लिमिटेड के सीनियर जनरल मैनेजर सेफ्टी एंड इंवायरमेंट एके अग्रवाल ने बात की गई तो उन्होंने ऐसे किसी भी मामले से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि कपंनी की ओर से ऐसी कोई कार्रवाई नहीं की गई है।