बुलंदशहर रोड औद्योगिक क्षेत्र में सोमवार शाम करीब साढ़े सात बजे कूलर के घास पैड बनाने वाली एक फैक्ट्री में भीषण आग लग गई।
एक परिवार के छह बच्चों समेत नौ लोग फैक्ट्री के चौथे तल पर बने कमरे में दो घंटे तक आग की लपटों में घिरे रहे। जान बचाने केलिए चीख-पुकार मचाते रहे।
पुलिस अफसरों ने किसी तरह उन्हें सकुशल निकाला। दमकल की 25 फायर टैंडरों से तीन घंटे की मशक्कत के बाद आग बुझाई जा सकी। आग लगने का कारण शार्ट सर्किट माना जा रहा है।
शिवा पैकिंग्स इंडस्ट्रीज नाम से यह फैक्ट्री अनिल मित्तल की है। इसमें कूलर के घास पैड के अलावा लकड़ी की पेटी, पैलेट, केबल ड्रम और वुड शेविंग आदि बनाए जाते हैं।
शाम को ग्राउंड फ्लोर पर घास पैड में आग लग गई। धुआं और आग की लपटें उठती देख कोहराम मच गया। इस दौरान 20 से ज्यादा कर्मचारी वहां काम कर रहे थे। वे भाग खड़े हुए।
फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई। गाजियाबाद केअलावा वैशाली और नोएडा से सात फायर टैंकर मौके पर पहुंचे और आग बुझाने में दमकलकर्मी जुट गए।
इस दौरान फैक्ट्री के चौथे फ्लोर पर कर्मचारियों का परिवार फंस गया, जिन्हें एसपी सिटी शिव हरि मीणा, सीएफओ एपी सिंह, फायर विभाग केनवरत्न चौहान ने पुलिसकर्मियों की मदद से सकुशल निकाला।
आग इतनी भयंकर थी कि कई किलोमीटर दूर से धुआं और लपटें नजर आ रही थी। उद्यमी करीब 50 लाख केनुकसान का अनुमान बना रहेहैं। अगर आग ऊपर के तलों पर भी लग जाती तो करोड़ों का नुकसान होता।
इन्हें बचाया गया
चौथे तल पर बने कमरे में मासूम बेग (75) नसरीन, अर्श (डेढ़ साल), रिहान (दो माह), असलम, शमून, अनस (8), इल्मा (10), आयशा (3) आग की लपटों में घिरे रहे। इन्हें बचाया गया।
सेवन मर्डर कनेक्शन
पिछले साल नगर कोतवाली क्षेत्र में एक परिवार केसात लोगों की निर्मम हत्या कर दी गई थी। यह फैक्ट्री उनकी रिश्तेदारों की है। फैक्ट्री मालिक अनिल मित्तल मृतक परिवार केदामाद सचिन के चाचा हैं।